डॉ सजल प्रसाद की कविता ‘इंकलाब’

डॉ सजल प्रसाद
शिक्षा- एम.ए.(हिन्दी), पी-एच.डी.
लेखन - 'अज्ञेय और उनके उपन्यास' पुस्तक प्रकाशित। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में दर्जनाधिक शोधालेख प्रकाशित। राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार में आलेख प्रस्तुत। सोशल मीडिया के दसाधिक साहित्यिक समूहों में निरंतर काव्य-लेखन।
पत्रकारिता - 'हिन्दुस्तान' हिन्दी दैनिक से सम्बद्ध। इसके पूर्व 'आज' और 'नवभारत टाइम्स' के लिए कार्यरत।
सक्रियता - समन्वयक, इग्नू स्टडी सेंटर-86011, मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज।
पूर्व कार्यक्रम पदाधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना। 
जिला प्रशासन की कई लोक कल्याणकारी समितियों में सदस्य।
सम्प्रति - एसोसिएट प्रोफेसर व 
विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग
मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज।
पत्राचार का पता -
'प्रसादम'
ठाकुरबाड़ी रोड
किशनगंज - 855108
(बिहार)
मोबाइल- 9431288631
             9113432820
 
 
क़त्ल हो जाता हूँ
हर रोज ..
उफ्फ तक नहीं
कर पाता हूँ ... !
हर बार
बहता है ...
मेरा लाल-लाल
खून .. !
इस गरज से .. 
कि ..
सोया समाज 
किसी दिन 
जागेगा ... !
और, उस दिन ...
इन्कलाब आएगा ... !!

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