माया मृग की पांच कविताएं

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3 Responses

  1. Pooja singh says:

    हमेशा से बहुत ही बेहतरीन लिखा है माया जी ने… हर एक कविता सूक्ष्म से सूक्ष्मतर एहसास को जीवंत रूप देती है…..l बधाई हो literature point.

  2. राजेश"ललित"शर्मा says:

    माया मृग की शानदार कविताएँ ।मन खिल उठा।ज़मीन पर पहली बार,जो नहीं लिखा ख़त में वही पढना आदि।सभी अच्छी हैं।
    राजेश”ललित”शर्मा।

  3. जगजीत गिल says:

    बहुत बढ़िया लगी कविताएं

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