राजेश”ललित”शर्मा की दो रचनाएं

इंतज़ार मत करना

इंतज़ार मत करना
अब मेरा
थक गये हैं पाँव
मुश्किल है चलना
मोड़ अभी भी बहुत हैं
ज़िंदगी के
याद कर लेना
कभी हो सके
मेरे अक्स को।

क्षणिका

बहुत दूर निकल आये
ए ज़िंदगी तुमसे
मंज़िल आ भी गई
तो मिल न पायेंगे अब
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1 Response

  1. Mona Bhatnagar says:

    इंतजार मत करना” राजेश ललित शर्मा की बहुत अच्छी कविता है और साथ में क्षणिका भी अच्छी है.

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