लोकोदय नवलेखन सम्मान के लिए पांडुलिपियां आमंत्रित

लोकधर्मी लेखन को बढ़ावा देने के लिए दिसम्बर 2015 में लोकोदय प्रकाशन की शुरूआत की गई थी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया था कि युवा लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रकाशन की ओर से नवलेखन सम्मान प्रारम्भ किया जाएगा। लोकोदय नवलेखन सम्मान का उद्देश्य उन युवा लेखकों को सम्मानित करना है जो साहित्यिक राजनीति तथा मठों, पीठों, अकादमियों की चकाचौंध से दूरी बनाए हुए हैं। दरबारों से अनुपस्थित रहने के कारण इन युवाओं पर अच्छे लेखन के बावजूद समुचित साहित्यिक चर्चा नहीं होती है। ऐसे युवा लघु पत्रिकाओं में छप रहे हैं। पाठक उनका लेखन पसन्द कर रहे हैं मगर साहित्यिक राजनीति के कारण उन्हें हाशिए पर रखने की कोशिश की जा रही है। लोकोदय प्रकाशन की कोर कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया कि ऐसे युवा लेखकों को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष एक युवा लेखक को सम्मानित किया जाए और उनकी पाण्डुलिपि का प्रकाशकीय व्यय पर प्रकाशन किया जाए।

योजना 
लोकोदय नवलेखन सम्मान प्रतिवर्ष गद्य व पद्य की पांडुलिपि के लिए प्रदान किया जाएगा।
इस योजना में वे ही रचनाकार सम्मिलित हो सकते हैं जिनकी आयु 40 वर्ष से अधिक न हो।
प्राप्त पांडुलिपियों में से चयन कमेटी द्वारा सर्वश्रेष्ठ पांडुलिपि का चयन किया जाएगा।
चयनित पांडुलिपि में से लगभग 100 पृष्ठ की पेपर बैक पुस्तक प्रकाशित की जाएगी।
पुस्तक का मूल्य प्रकाशन की नीतियों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
रचनाकार को प्रकाशित पांडुलिपि की 5 प्रतियाँ दी जाएँगी। यदि रचनाकार को 5 से अधिक प्रतियाँ चाहिए तो उसे पुस्तक मूल्य पर 25% छूट के साथ दी जाएँगी।
रचनाकार को प्रकाशन की नीतियों के तहत पुस्तक की बिक्री पर 10% रॉयल्टी प्रदान की जाएगी जिसका हिसाब वित्तीय वर्ष के अन्त में किया जाएगा।
पुस्तक का कॉपीराइट रचनाकार के अधीन होगा।
लोकोदय द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।
लेखक/ कवि को स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र व प्रशस्ति-पत्र द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
रचनाकार को रु. 5000/- के बराबर मूल्य की पुस्तकें भेंट स्वरूप दी जाएँगी।
लोकोदय पत्रिका के एक अंक में सम्मानित रचनाकार पर विशेष सामग्री प्रकाशित की जाएगी।
रचनाकार को लोकोदय पत्रिका की आजीवन सदस्यता प्रदान की जाएगी।

नियम व शर्तें
रचनाकार की उम्र 40 वर्ष से अधिक न हो।
पांडुलिपि मौलिक व अप्रकाशित होनी चाहिए। रचनाकार को इस आशय का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना होगा।
विधा विशेष में रचनाकार का कोई संग्रह प्रकाशित न हुआ हो। रचनाकार को इस आशय का प्रमाण-पत्र देना होगा।
नवलेखन हेतु पांडुलिपि वर्ड फाइल के रूप में ही भेजी जाए। हस्तलिखित, pmd या अन्य किसी रूप में पांडुलिपि स्वीकार्य नहीं होगी।
रचना कृतिदेव या मंगल फॉण्ट में टाइप की गई हो।
वर्ड फाइल में डॉट या अन्य किसी प्रकार के चिह्नों का प्रयोग न किया जाए।
पांडुलिपि के साथ रचनाकार अपना सम्पूर्ण परिचय व फोटो अवश्य उपलब्ध कराएँ।

पांडुलिपि प्रकाशन के ई-मेल पर भेजी जा सकती है- lokodayprakashan@gmail.com

वर्ष 2018 के नवलेखन सम्मान हेतु कृति देव या मंगल फॉन्ट में टाइप की हुई पांडुलिपि की वर्ड फाइल परिचय व फोटो के साथ प्रकाशन के मेल lokodayprakashan@gmail.com पर दिनांक 05-12-2018 तक भेजी जा सकती हैं।
इस सम्मान के लिए विधा का कोई बंधन नहीं है। रचनाकार की उम्र 31-12-2018 को 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा सम्मान हेतु भेजी गई विधा में उसकी कोई पुस्तक प्रकाशित न हुई हो।

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