हमारी भी छापो! हम भी लेखक-वेखक हैं!

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2 Responses

  1. Anil says:

    एक असाधारण व्यंग्य इतनी साधारण भाषा में , मन मस्तिष्क ताज़ा हो गया 💐💐बधाई

  2. Rajesh"Lalit"Sharma says:

    आलोक प्रकाश का लेखकों के अंर्तमन को सामने रख दिया।छद्मावरण लपेटे लेखक एवं रचनाकार नाम पाना चाहते हैं बस किसी तरह कहीं कुछ छप जाये।बढ़िया व्यंग्य ।साधु।

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