Monthly Archive: August 2016

0

कॉमेडी के नाम पर गरीबी और मासूमियत का मजाक

राकेश कायस्थ सोनी टीवी पर आनेवाला कपिल शर्मा का शो आज संवेदनहीन भोंडे प्रहसन की सारी हदें पार कर गया। शो में मनोज वाजपेयी अपनी फिल्म बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन के प्रमोशन के लिए आये थे। मनोज के इंटरव्यू के बाद उस बच्चे को भी पेश किया गया जिसने...

2

शहंशाह आलम की पांच कविताएं

राग : पाँच चित्र एक उस लड़की ने तीली जलाई माचिस की तीली की ज़रा-सी रौशनी ने आग का नया गीत ईजाद किया   तीली की वही आग हमारे भीतर बची है और सूरज के भी।   दो आज जिस भी द्वार को खोला मैंने उसमें चुप्पी नहीं मिली अनंत...

0

सुशांत सुप्रिय की कहानी ‘हे राम!’

15 अगस्त का दिन था । सरोजिनी नगर की एक सरकारी कॉलोनी में एक ऊँघते हुए बुधवार की सुबह अलसाई पड़ी थी । बाहर लॉन में कुछ ऐंठे हुए पेड़ खड़े थे जिन पर बैठे हुए कौए शायद स्वाधीनता-संग्राम की कोई कथा सुन-सुना रहे थे । कॉलोनी के गेट के...

0

शिवदयाल की तीन कविताएं

ड्रॉप आउट सोचा था तुम पर लिखूँगा एक कहानी खूब सोचा जब इस बात पर तो पाया तुम तो कविता का विषय हो ए सरिता ! तुमसे भी कहा था वादा किया था मैंने कि लिखूँगा जरूर एक कहानी कि कैसे बनती फिरती है एक छोटी-सी किशोरवय लड़की गाँव भर...

0

विशाल विशु की चार कविताएं

मैं फिर आऊँगा तुम्हारे शहर मैं फिर आऊँगा तुम्हारे शहर समेटने उन लम्हों को जो हमारे इश्क़ में भींगे थे कभी चाय पीने गुप्ता जी की दुकान पर जो हमारे मिलने का अड्डा होता था फिल्म देखने उस टाकीज में जहाँ की कार्नर सीट हम पहले ही बुक करा लेते...