रवि कुमार गुप्ता की कहानी ‘बेपटरी’

  रवि कुमार गुप्ता नवभारत (भुवनेश्वर) में संवाददाता सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई संपर्क : 9471222508, 9437767065 रात का सन्नाटा. सङकें

বর্ণালী চন্দের দুটি কবিতা

প্রথম কবিতা গভীর হয় রাত যন্ত্রণারা মনকে ক্ষতবিক্ষত করে হিংস্র হায়নার মতো। পূর্ণিমার চাঁদ পোড়ায় শরীর চিতার আগুনের মতো। দ্বিতীয়

परसाई की रचनाओं का रंगमंचीय दृष्टिकोण

  अखतर अली मूलतः नाटककार, समीक्षा एवं लघु कथाआें का निरंतर लेखन, आमानाका, कुकुर बेड़ा रायपुर (छ. ग.) माे. न.

बीएचयू में बेटियों पर बर्बरता से गुस्से में साहित्यकार

अब महिषासुर को टॉलरेट नहीं करेंगे मैंने तीन दिन पहले नवरात्रि की शुभकामनाएँ दी थी, क्योंकि मैं उस समय आशावादी थी। डंडों

संगीता गांधी की कविता ‘शाब्दिक जुलाब’

संगीता गांधी वो लिखते हैं बहुत लिखते हैं लेखन से क्रान्ति उद्घोष करते हैं कल स्वयं क्रांति ने पूछा हे लेखक शिरोमणि चलो जो लिखते

पल्लवी मिश्रा की दो कविताएं

  पल्लवी मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून एक पन्नों पर कलम दर्ज़ करती है, दिनों की बर्खास्तगी

परमानन्द रमन की चार कविताएं

परमानन्द रमन जन्मतिथि : 20/12/1983 जन्म-स्थान : जमशेदपुर(तात्कालीन बिहार, वर्तमान झारखण्ड) ग्राम: करहसी, जिला- रोहतास (बिहार) आरंभिक शिक्षा बारहवीं तक