Monthly Archive: September 2018

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विष्णु खरे को हार्दिक श्रद्धांजलि

कवि-आलोचक-संपादक विष्णु खरे का जाना सचमुच हिन्दी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति है। लिटरेचर प्वाइंट की ओर से उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि। वे हमारे दिलों में अमर रहेंगे। उनकी इस कविता को पढ़िए और महसूस कीजिए कि वो कितने महान कवि थे।   नींद में कैसे मालूम कि जो नहीं रहा...

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विनोद कुमार दवे की कहानी ‘सहायता’

विनोद कुमार दवे बस में बैठे-बैठे मैंने अनुमान लगाया, जयपुर पहुंचते पहुंचते बारह बज जाएंगे। जगह-जगह बस का रुकना मुझे बेचैन कर रहा था, अभी सात घंटे बाकी थे। इतना लंबा वक़्त बस में काटना बहुत मुश्किल है। मैं पछता रहा था, ट्रेन से आता तो बहुत सुविधाजनक रहता। “खैर...

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विमलेश त्रिपाठी की 5 प्रेम कविताएं

विमलेश त्रिपाठी विमलेश त्रिपाठी के कविता संग्रह ‘उजली मुस्कुराहटों के बीच’ को अभी किंडल से डाउनलोड करें और अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवगत कराएं। डाउनलोड करने के लिए नीचे की तस्वीर पर क्लिक करें। एक भाषा हैं हम शब्दों के महीन धागे हैं हमारे संबंध कई-कई शब्दों के रेशे-से गुंथेसाबुत खड़े...

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विशाल मौर्य ‘विशु’ की 3 प्रेम कविताएं

विशाल मौर्य ‘विशु’ नूर मुहम्मद नूर के ग़ज़ल संग्रह ‘सबका शायर’ बुक करने के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें 1.मेरा प्रेम मेरा प्रेमदिल की चहारदीवारी फांदकरतुम्हारे पास जाकर चुपचाप बैठना चाहता हैंवैसे ही जैसे कोई छोटा लड़कापाठशाला की दीवारें फांदकर बैठा रहता हैं बग़ीचे मेंमहुआ के पेड़ से बतियाते हुए मेरा...

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ध्रुप गुप्त की 4 ग़ज़लें

ध्रुव गुप्त एक हम हाज़िर हैं हाथ उठाए सपना जहां, जिधर ले जाए दरवाज़े पर आस टंगी है खिड़की पर लटके हैं साए तन्हाई में शोर था कितना चीखो तो आवाज़ न आए हम सड़कों पे खड़े रह गए सड़कों ने कल धूल उड़ाए हर कंधे पर बोझ है कितना...