Author: literaturepoint

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पूनम शुक्ल की 6 कविताएं

पूनम शुक्ल जन्म 26 जून 1972  जन्म स्थान – बलिया , उत्तर प्रदेश  शिक्षा – बी ० एस ० सी० आनर्स ( जीव विज्ञान ), एम ० एस ० सी ० – कम्प्यूटर साइन्स ,एम० सी ० ए ० । कुछ वर्षों तक विभिन्न विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान की...

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‘समावर्तन’:दिसंबर अंक प्रकाशित

कवि प्रदीप पर ‘एकाग्र’ के अंतर्गत निराला, सुमन, अभिनेता अशोक कुमार के आलेख। ‘रंगशीर्ष’ में वरिष्ठ छायाकार जगदीश कौशल पर सामग्री। ‘रेखांकित’ में इस बार युवा कवि अंचित की कविताएँ। शीला मिश्र की कहानी ‘आंदोलन’। प्रख्यात आलोचक डॉ धनंजय वर्मा से वरिष्ठ कथाकार संतोष चौबे, मुकेश वर्मा और महेंद्र गगन...

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व्यंग्य यात्रा का जुलाई-सितंबर 2019 अंक

हरिशंकर राढ़ी व्यंग्य जगत में सार्थक हस्तक्षेप रखने वाली त्रैमासिकी ‘व्यंग्य यात्रा’ का नया अंक अपने भरेपूरे आकार और चिर-परिचित कलेवर के साथ आया है। सदा की भांति इस अंक में चिंतन, त्रिकोणीय पद्य और गद्य व्यंग्य, पुस्तकों की चर्चा और समीक्षा के साथ अनेक रपटें हैं। त्रिकोणीय में इस...

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अनुरंजन शर्मा की 3 कविताएं

अनुरंजन शर्मा ए – 108, रामनगरिया जे. डी. ए स्कीम  एस. के. आई . टी कॉलेज के पास, जगतपुरा  जयपुर 302017  फोन 9680542664, 7742191212  mail : anuranjan.sharma25 @gmail.com कहानी कहानियों की दुनिया हो सकती है शायद इस दुनिया से भी बड़ी जैसे तारों की खीर गंगा आसमान में है खड़ी सूरज...

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समहुत का अक्टूबर-दिसंबर अंक

हिंदी सिनेमा के विख्यात कवि, गीतकार, फिल्म निर्माता शैलेन्द्र की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते डॉ.इंद्रजीत सिंह-जनकवि शैलेन्द्र। शैलेन्द्र:’इप्टा’ के गीतकार-शैलेन्द्र के निकट रहे रमेश चौबे के साथ विख्यात कथाकार बृजमोहन की अंतरंग बातचीत, दुर्लभ चित्रों के साथ। शैलेन्द्र पर लिखी किताब:’धरती कहे पुकार के।’ हिंदी रंगमंच की दशा और...

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साहित्य को नई आधार शक्ति देती है ‘दोआबा’

‘दोआबा’ (पत्रिका) / संपादक : जाबिर हुसेन / प्रकाशक : दोआबा प्रकाशन / 247 एम आई जी, लोहियानगर, पटना-800020 / मूल्य : 75 रुपए / संपादकीय संपर्क : doabapatna@gmail.com, 09431602575 शहंशाह  आलम ख्यात साहित्यकार जाबिर हुसेन के संपादन में निकल रही पत्रिका ‘दोआबा’ का इकतीसवाँ अंक साहित्य के समकालीन प्रसंग...

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सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की कहानी ‘प्रीमियम’

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव शिक्षा : बीएससी (फिजिक्स ऑनर्स), एम ए (हिन्दी), एम ए (पत्रकारिता, गोल्ड मेडलिस्ट) सारी पढ़ाई कलकत्ता  विश्वविद्यालय से पेशा : 3 दशकों से पत्रकारिता। कोलकाता के दैनिक अखबार ‘सन्मार्ग’ से 1990 में नौकरी की शुरुआत। दस सालों तक सन्मार्ग में रहने के बाद टेलीविजन पत्रकारिता में। 2001...

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विष्णु नागर व सरिता कुमारी का कहानी पाठ

Previous Next कथा कहानी की एक गोष्ठी गांधी शांति प्रतिष्ठान में दिनांक 23 नवम्बर, 2019 को हुई . इस गोष्ठी में वरिष्‍ठ कथाकार विष्णु नागर ने अपनी कहानी ‘शैली मेरी,बाकी उसका’ व सरिता कुमारी ने  अपनी कहानी‘ज़मीर‘ का पाठ किया. इन दोनों कहानियों पर बोलते हुए वरिष्‍ठ कथाकार व ज्ञानपीठ...

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कैलाश मनहर की 5 कविताएं

1. कविता का सूना कोना नींद और उनींद के बीच किसी उबासी में से निकल कर नाम और ईनाम की गुत्थियों के जाल में फँसती रही और बिगड़े हुए रूप पर अपने ही अवसाद और उन्माद के अँधेरों और चकाचौंध में कभी रोती रही कभी हँसती रही विभ्रमित अपनी कंटकाकीर्ण...

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अंधेरे से लड़ने की ताक़त देने वाली कविताएं

समीक्षित पुस्तक – तनी हुई मुट्ठियाँ (कविता संग्रह)  कवि – रमेश यादव प्रकाशक –कनक प्रकाशन प्रकाशन वर्ष – 2019, मूल्य – 400 रुपये      आनन्द गुप्ता रमेश यादव युवा कविता में नया नाम हैं। ‘तनी हुई मुट्ठियाँ’ उनका दूसरा काव्य संग्रह है।  सबसे पहले इस संग्रह का शीर्षक हमारा ध्यान खींचता...

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अरुण शीतांश की 3 कविताएं

अरुण शीतांश जन्म  02.11.1972अरवल जिला के विष्णुपुरा गाँव में शिक्षा –एम ए ( भूगोल व हिन्दी)एम लिब सांईसएल एल बी पी एच डी कविता संग्रह  १. एक ऐसी दुनिया की तलाश में २. हर मिनट एक घटना है ३.पत्थरबाज़आलोचना४.शब्द साक्षी हैं सम्मान –           शिवपूजन सहाय सम्मानयुवा शिखर साहित्य सम्मान पत्रिकादेशज नामक पत्रिका का संपादन  संप्रति शिक्षण...

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पल्लवी मुखर्जी की 5 कविताएं

पल्लवी मुखर्जी शब्द मरते नहीं मेंरे भीतर की आग का थोड़ा सा हिस्सा लेकर तुमने सुलगाई जीवन की लौ बाकि बचे हुए आग की आँच को हवा देती हूँ मैं उसकी लौ पर उबलते हैं शब्द शब्दों की भाषा को पढ़ते हो तुम शब्द मिट्टी में मिलने से पहले एक...

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जो पढ़ रहे हैं, वही कहानियों को बचा रहे हैं : शंकर

कहानी के विभिन्न पहलुओं पर वरिष्ठ कथाकार और परिकथा के संपादक शंकर से ख़ास बातचीत। बातचीत की है वरिष्ठ कथाकार हरियश राय और सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने सत्येंद्र : शंकर जी, आप वरिष्ठ कथाकार भी हैं और संपादक भी। तो शुरुआत इसी सवाल से करते हैं कि आखिर कहानी है...

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हिन्दी में एक आंदोलन की ज़रूरत: रमेश उपाध्याय

हिन्दी साहित्य में एक आंदोलन की ज़रूरत रमेश उपाध्याय जन्म  : 1 मार्च 1942 शिक्षा : एमए, पीएचडी कार्य : एक दशक तक पत्रकार  रहने के बाद तीन दशकों तक दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन। साहित्य और संस्कृति की पत्रिका ‘कथन’ के साथ-साथ ‘आज के सवाल’ नामक पुस्तक श्रृंखला का संपादन।...

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राहुल कुमार बोयल की 4 कविताएं

राहुल कुमार बोयल जन्म दिनांक- 23.06.1985जन्म स्थान- जयपहाड़ी, जिला-झुन्झुनूं( राजस्थान)सम्प्रति- राजस्व विभाग में कार्मिकपुस्तक- समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता संग्रह)            नष्ट नहीं होगा प्रेम ( कविता संग्रह) मोबाइल नम्बर- 7726060287 ई मेल पता- rahulzia23@gmail.com1. अंगुलियों का धर्म मेरे पास तुम्हारी एक अँगूठी है इसलिए नहीं कि...

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यारेग़ार : चरम अमानवीयता की संवेदनशील कहानी

संज्ञा उपाध्याय दिल्ली में जनमीं, पढ़ी-लिखीं संज्ञा उपाध्याय युवा संपादक, कहानीकार, फ़ोटोग्राफ़र और शिक्षक हैं. वे साहित्य और संस्कृति की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘कथन’ की संपादक हैं. ‘कथन’ के संपादन के लिए उन्हें स्पंदन साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया.‘कथन’ के साथ उन्होंने पैंतीस पुस्तकों की चर्चित अनूठी श्रृंखला ‘आज के सवाल’...

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संजीव ठाकुर की कविता ‘प्रेमिका की याद’

संजीव ठाकुर प्रेमिका की याद  1 प्रेमिका की याद मजबूत खूँटी टाँगकर खुद को हुआ जा सकता है निश्चिंत । 2 प्रेमिका की याद शहद में डूबा तीर बार–बार खाने का मन करे । 3 प्रेमिका की याद बरसाती नदी नहीं होती प्रेमिका की याद बूँदा–बाँदी भी नहीं प्रेमिका की...

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डॉ हंसा दीप की कहानी ‘हरा पत्ता पीला पत्ता’

डॉ. हंसा दीप मेघनगर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश में जन्म। हिन्दी में पीएच.डी., यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में लेक्चरार के पद पर कार्यरत। पूर्व में यॉर्क यूनिवर्सिटी, टोरंटो में हिन्दी कोर्स डायरेक्टर एवं भारतीय विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक। कैनेडियन विश्वविद्यालयों में हिन्दी छात्रों के लिए अंग्रेज़ी-हिन्दी में पाठ्य-पुस्तकों के कई संस्करण प्रकाशित। प्रसिद्ध...

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कथा-कहानी की 13वीं गोष्ठी

कथा- कहानी की ओर से दिनांक 31 अगस्त 2019 को गांधी शांति प्रतिष्ठान में कहानी पाठ का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी इस मायन में महत्वपूर्ण थी कि यह दूसरे साल की पहली गोष्ठी थी। पिछले साल कथा कहानी ने बारह गोष्ठियों का आयोजन किया जिसमें पच्‍चीस कथाकारों ने अपनी...

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कवि से पहले नेक इंसान बनना जरूरी: विजेंद्र

वरिष्ठ कवि विजेंद्र से सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की ख़ास बातचीत लिटरेचर प्वाइंट संवाद वरिष्ठ कवि विजेंद्र 84 साल की उम्र में भी पूरी सक्रिय हैं. कविता लिखते हैं, पेंटिंग बनाते हैं। फेसबुक पर भी सक्रिय हैं। हिन्दी कविता में उनका स्थान क्या है, यह नए सिरे से बताने की जरूरत...