Author: literaturepoint

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दिल चुरा के देखो

      संजय स्वतंत्र बिहार की उस मिट्टी से जन्म का नाता है, जो अभावों और सपनों के संघर्ष के साथ एक इंसान बनने की तमीज पैदा करती है। जब हिंदी पट्टी विचार और बाजार से जूझ रहा था, तब पिता की सरकारी नौकरी के कारण देश की राजधानी...

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एक कवि की डायरी : भाग 2

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha.com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, 9 अप्रैल, 2011 ज़िम्मेदारी अन्ना ने जीतना सिखा दिया, अब यह करोड़ों लोगों की ज़िम्मेदारी है कि वे ना तो ख़ुद भ्रष्ट हों, ना दूसरे को भ्रष्टाचार करने दें, आयेगी यह नैतिकता क्या सारे लोगों में...

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डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” की तीन कविताएं

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” शिक्षा- एम ए (हिंदी, भाषाविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता), एम फिल, पीएच डी,। विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं व वेब मीडिया तथा ई-पत्रिकाओं में अनेक लेख, कविताएँ प्रकाशित। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता। अनेक संस्थाओं से सम्मानित। सम्प्रति- अध्यापन, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा (भारत) में सेवारत। मोबाइल — 8909274612...

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राजेश”ललित”शर्मा की दो रचनाएं

इंतज़ार मत करना इंतज़ार मत करना अब मेरा थक गये हैं पाँव मुश्किल है चलना मोड़ अभी भी बहुत हैं ज़िंदगी के याद कर लेना कभी हो सके मेरे अक्स को। क्षणिका बहुत दूर निकल आये ए ज़िंदगी तुमसे मंज़िल आ भी गई तो मिल न पायेंगे अब ———————-

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परितोष कुमार ‘पीयूष’ की कविता ‘मुद्दे की बात’

परितोष कुमार ‘पीयूष’ मोहल्ला- मुंगरौड़ा पोस्ट- जमालपुरपिन- 811214, जिला मुंगेर(बिहार)】 मुद्दे की बात! मुद्दा यह नहीं कि किसने है कितना लूटामुद्दा यह है कि हमने उन्हें लूटने क्यों दिया० मुद्दा यह नहीं कि उसने रिश्वत लीमुद्दा यह है कि हमने प्रतिवाद क्यों नहीं किया० मुद्दा यह नहीं कि उसने जाल बिछायामुद्दा यह है कि हम फँसते क्यों चले गये० मुद्दा...

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कविता बनाम ग़ज़ल : भाग एक

    सुशील कुमार जन्म-13/09/ 1964. पटना सिटी (बिहार) में। सम्प्रति : मानव संसाधन विकास विभाग,रांची (झारखंड) में कार्यरत । संपर्क –  सहायक निदेशक/प्राथमिक शिक्षा निदेशालय/ स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग/एम डी आई भवन(प्रथम तल)/ पोस्ट-धुर्वा/रांची (झारखंड)–834004 ईमेल –sk.dumka@gmail. com मोबाइल न. –09431310216 / 09006740311 प्रकाशित कृतियां– कविता-संग्रह कितनी रात...

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रिजवान अली की कहानी ‘वो ठंडी रात’

अली रिज़वान शिक्षा- जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता। लेखन- तहलका हिंदी में आपबीती कलम के लिए लिख चुके हैं। इंडिया न्यूज़ में काम कर चुके हैं। आजकल यूट्यूब चैनल कहानी डिपो में कार्य कर रहे हैं। मोबाइल- 9717583570 केशव को दिल्ली आये अभी 6 महीने ही हुए थे और इसी...

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राजेश”ललित”शर्मा की कविता ‘मन खट्टा हो गया’

“मन खट्टा” —————– मन खट्टा हो गया चल यार कैसी बात करता है मन कभी मीठा हुआ कभी सुना क्या? नहीं न यूँ ही जमी रहेगी दही रिश्तों की खटास रहेगी ही चाहे जितना डालो चीनी फिर मन खट्टा हुआ तो हुआ क्या करें????? ————————  

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एक कवि की डायरी

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha.com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, छत्तीसगढ़-492001 मो.-94241-82664 23 सितंबर 2009 आम आदमी के पास ऊर्जा नगरी कोरबा में हाहाकार मचा हुआ है । बुरी-ख़बर से मन व्याकुल है । कोरबा, एनटीपीसी, छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में लगी चिमनी के ढह जाने...

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पंकज कुमार शर्मा की तीन कविताएं

पंकज कुमार शर्मा निवासी:  पिड़ावा जिला झालावाड़ राजस्थान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1. आईने.. बरसो से जड़े हैं..तेरे घर में जो आईनेउनका खयाल करनाउनमें तेरे हर दौर की शक्ल है.उन्होंने तेरी शक्ल कोसंवारा है..हर दाग को मिटाया है. 2. आकार लेती तस्वीरे अभी तो सवेरा हुआ है…सूरज ने दस्तक दी हैअभी...

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पीयूष शिवम की ग़ज़ल ‘छाँव तो कर दे’

कब  से चल रहा हूँ धूप में तेरी, ज़िन्दगी इस दोपहर में छाँव तो कर दे। याद धुंधली हो गई गर्दिश में गहरा कर, इक दफ़ा मेरे शहर को गाँव तो कर दे। ख़ून देखा है नहीं अपना बहुत दिन से, ख़ंजर-ए-हालात के कुछ घाव तो कर दे। ये तसल्ली...

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तरसेम कौर की कविता ‘भावनाओं का अपलोड..!!’

  डिलीट होती जा रही भावनाएं और संवेदनाएं बैकअप शायद किसी ने भी नहीं रखा है.. जीवन के स्क्रीन से धीरे धीरे इरेज होती जा रही संवेदनाओं को रिस्टोर करना शायद अब नामुमकिन सा ही लगता है… रूप बदलता जा रहा है और बिखरी पड़ी मिलती हैं जीवन के स्क्रीन...

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अर्कित पांडेय की कविता ‘उपहार’

अर्कित पाण्डेयछात्रपता- इकौना बाईपास,जिला- श्रावस्ती मैं रहा रात भर सोचता बस प्रिये,दूँ क्या उपहार में जन्मदिन पर तुम्हें। प्रातः आकाश की लालिमा दूँ तुम्हे,या दूँ पंछियों का चहचहाता वो स्वर,नीले आकाश की नीलिमा दूँ तुम्हे,या दूँ भेंट पुष्पों का गुच्छा मधुर, पर प्रकृति सी सजल तुम स्वयं हो प्रिये,क्या ये उपहार देना उचित...

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संजीव ठाकुर की बाल कथा ‘जालिम सिंह’

स्कूल का चपरासी बच्चों को बहुत बदमाश लगता था। बच्चे उसे जालिम सिंह नाम से पुकारते थे। जालिम सिंह स्कूल के बच्चों पर हमेशा लगा ही रहता था। किसी को मैदान में दौड़ते देखता तो गुस्साता, झूले पर अधिक देर झूलते देखता तो गुस्साता। कोई बच्चा फूल तोड़ लेता तब...

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नीरू मोहन की कविता ‘मील का पत्थर’

*पहुँचाकर मंजिल पर राही को अभी भी वहीं खड़ा हूँ | धूल से ढककर, सूरज से तपकर अभी भी अडिग खड़ा हूँ | रुका न कोई पलभर भी न पूछा मेरा अता-पता | देखकर मुझको दूर से यूँ ही अपनी मंजिल की ओर ही बढ़ा | न ली कोई मेरी...

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आराधना सुमन की कविता ‘नाजायज’

नाजायज शब्द बड़ा “नाजायज “लगता है मुझे क्योकि अक्सर ये वहाँ प्रयोग होते है जो जीवन का पवित्र मन्त्र है उच्चारण है आवाहन की जीवित जीवन की सुंदरता की …. नाजायज रिश्ते की परिभाषा नहीं मिलती एक दाग धब्बा को कहकर लोग निकल लेते है…..! हर रिश्ते मे मौजूद लोग...

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मुकेश कुमार सिन्हा की कविता ‘मत बनो बाज’

कभी बाँध कर देखो दो-ढाई किलो का पत्थर पेट से पांच-छः महीने तक। ऐ पुरुष! पता चल जायेगा कितना दर्द सहती हूँ कितना त्याग करती हूँ और कितने अरमान के साथ खिलाती हूँ ‘कली’! मेरे त्याग और मेरे सब्र की परीक्षा कैसे ले पाओगे? ढोकर देखो न पत्थर पेट से!...

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राजेश”ललित”शर्मा की कविता ‘दम लगा के हई शा’

दम लगा के हईशा हिम्मत न हार थक मत अब चल उठ जा चल उठ मत घुट घुट घुट कर मर जाएगा हाथ कुछ नहीं आएगा दो नहीं कई पाटों में पिस जायेगा घुड़सवार ही गिरते हैं गिर गिर कर फिर उठते हैं फिर जा घोड़े पर चढ़ते हैं छूट...

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शहादत ख़ान की कहानी वेलेंटाइन डे

शहादत शिक्षा-           दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडर कॉलेज से बी.ए. (विशेष) हिंदी पत्रकारिता। संप्रीति-         रेख़्ता (ए उर्दू पोएट्री साइट) में कार्यरत। मोबाईल-        7065710789 दिल्ली में निवास। कथादेश, नया ज्ञानोदय, समालोचना, कथाक्रम, स्वर्ग विभा, परिवर्तन, ई-माटी और जनकृति सहित आदि पत्रिकाओं में कहानियां प्रकाशित। वेलेंटाइन-डे...

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भास्कर चौधुरी की दस कविताएं

भास्कर चौधुरी पता : 1 / बी / 83,        बालको        जिला : कोरबा (छ.ग.)        495684        मोबाइल न. : 9098400682 Bhaskar.pakhi009 @gmail.com परिचय जन्म: 27 अगस्त 1969 रमानुजगंज, सरगुजा (छ.ग.) शिक्षा: एम. ए. (हिंदी एवं अंग्रेजी) बी एड प्रकाशन: एक काव्य संकलन ‘कुछ हिस्सा तो उनका भी...