पद्मश्री स्वर्गीय बेकल उत्साही को श्रद्धांजलि

एक इक दिन ऐसा भी आएगा होंठ-होंठ पैमाने होंगे मंदिर-मस्जिद कुछ नहीं होंगे घर-घर में मयख़ाने होंगे जीवन के इतिहास