राजेश ‘ललित’ शर्मा की 4 कविताएं

राजेश’ललित’शर्मा बी-९/ए:डी डी ए फ्लैटस होली चाईल्ड के पीछे टैगोर गार्डन विस्तार नई दिल्ली -११००२७ ज़ख्म ज़ख़्मों पर मरहम नहीं

नवीन गोपाल कानगो की 5 ग़ज़लें

प्रोफेसर नवीन गोपाल कानगो प्राध्यापक एवं अध्यक्ष सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग समन्वयक, परिष्कृत उपकरण केंद्र डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर

सुशान्त सुप्रिय की 5 कविताएं

सुशान्त सुप्रिय A-5001, गौड़ ग्रीन सिटी, वैभव खंड, इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद – 201014 ( उ.प्र. ) मो : 8512070086 ई-मेल : sushant1968@gmail.com बचपन  दशकों पहले एक बचपन था बचपन उल्लसित, किलकता हुआ सूरज, चाँद और सितारों के नीचे एक मासूम उपस्थिति बचपन चिड़िया का पंख था बचपन आकाश में शान से उड़ती रंगीन पतंगें थीं बचपन माँ का दुलार था बचपन पिता की गोद का प्यार था समय के साथ

नदी पर रोहित ठाकुर की 4 कविताएं

रोहित ठाकुर जन्म तिथि – 06/12/ 1978 शैक्षणिक योग्यता  –   परा-स्नातक राजनीति विज्ञान,विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित, विभिन्न कवि

अनुराग अन्वेषी की ‘भरोसे’ की 10 कविताएं

अनुराग अन्वेषी ए-802, जनसत्ता सोसाइटी, सेक्टर 9, वसुंधरा, गाजियाबाद 201012 (उत्तर प्रदेश) मोबाइल : 9999572266 भरोसा-1 घात-प्रतिघात के एक से बढ़कर एक

नूर मुहम्मद ‘नूर’ के ग़ज़ल संग्रह ‘सफ़र कठिन है’ से 5 ग़ज़लें

नूर मुहम्मद ‘नूर’ जन्म :  17 अगस्त 1952, महसोन, कारखाना मछुआवां, कुशीनगर (उ.प्र) प्रकाशित कृतियां :  ताकि खिलखिलाती रहे पृथ्वी