Category: SHORT STORIES

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नकुल गौतम की लघुकथा ‘तिरपाल’

मुम्बई में बारिशें इस बार जल्द शुरू हो गयी थीं। पूरी बस्ती रंग बिरंगी तिरपालों से ढंकी जा चुकी थी। बुधिया की छत पहली बारिश में ही साथ छोड़ गयी और घर में यहाँ वहाँ पानी टपकने लगा। बीवी साल भर कहती रही कि छत पर डाम्बर लगवा लो, पर...

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प्रशान्त पांडेय की लघुकथा ‘पगलिया’

एगो कुसुमिया है. हड़हड़ाते चलती है. मुंह खोली नहीं की राजधानी एक्सप्रेस फेल. हमरे यहां काम करने आती है. टेंथ का एक्जाम था तो काम छोड़ दी थी. दू-तीन महीना बाद अब जा के फिर पकड़ी है. “तब सब ठीक है?” हम अइसही पूछ लिए. गलती किये। माने कुसुमिया का...

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नीरू मोहन की लघुकथा ‘एहसास’

यह कथा एक सत्य घटना पर आधारित है गोपनीयता बनाए रखने के लिए पात्रों के नाम और जगह बदल दिए गए हैं|*मीना बनारस के एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखती है| परिवार में पति मनीष के अलावा सास-ससुर और मीना की दो वर्ष की एक सुंदर-सी बिटिया है| मीना...

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डॉ. ललित सिंह राजपुरोहित की लघुकथा ‘बहुरिया’

रामानुज के घर में मातम का माहौल था, घर में छाती पीटने और रोने की जोर-जोर से आवाजें आ रही थी। रिश्‍तेदार और पड़ोसी ढांढस बंधा रहे थे, तो कुछ ऐसे भी थे जो मजमा देख रहे थे। रामानुज अपने बच्‍चों को सीने से लगाए दीवार के कोने में बैठा...

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मनीषा जोबन देसाई की कहानी ‘अब क्या कहे ?’

“जितवन …..क्या कर रहे हो बाहर ? देखो ये कौन आया है ?” माँ की आवाज़ सुनकर अपने स्कूटर की लाइट ठीक कर रहा जित जल्दी से घर के अंदर आया । “ओह ,कब आये आप बिजल भैया ?” “बस अभी अभी… मेरी मुंबई की पढाई ख़त्म हुई और वापस...