Category: किताबें

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मज़दूरों की पीड़ा को आवाज़ देने वाला उपन्यास ‘धर्मपुर लॉज’

चर्चित किताब उपन्यास : धर्मपुर लॉज लेखिका : प्रज्ञा प्रकाशक :  लोकभारती प्रकाशन मूल्य : 200 रुपए सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव मज़दूरों की अंधेरी गंदी बस्ती में अब कोई कुछ नहीं बोलता एक अजीब सन्नाटे ने कफन की तरह ढांप लिया है पूरी बस्ती को जहां हर चीज भयावह लगती है।...

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शनि को परास्त करने वाले नायक की कहानी

उपन्यास : प्यार पर टेढ़ी नज़र : शनि लेखक : पंकज कौरव प्रकाशक : वाणी प्रकाशन मूल्य : 199 रुपए सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ज़िन्दगी में कामयाबी के लिए क्या चाहिए? मेहनत, किस्मत या दोनों? हर आदमी की ज़िन्दगी में कभी-कभी ऐसा पड़ाव आता है, जब वह खुद से यह सवाल...

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परिकथा का नववर्ष अंक

परिकथा का जनवरी-फरवरी 2020 अंक नववर्ष अंक है। इस अंक में अच्छी कहानी की अवधारणा और पहचान पर बहुत ही सार्थक परिचर्चा की गई है। कथाकार हरियश राय द्वारा संयोजित इस परिचर्चा में डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी, डॉ खगेंद्र ठाकुर, मधुरेश, राजेंद्र कुमार, विजय राय, जानकी प्रसाद शर्मा, तरसेम गुजराल, कर्मेंदु...

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बढ़ती अमानुिषकता पर केंद्रित ‘कथन’ का नया अंक

‘कथन’ का अंक 83-84 ‘बढ़ती अमानुषिकता से जूझती दुनिया’ विषय पर केंद्रित है। वर्तमान दौर में हिंसा, अमानुषीकरण, युद्धोन्माद जैसे जिन सवालों से हमारे देश में ही नहीं, दुनिया भर में लोग जूझ रहे हैं, उन सवालों पर महत्त्वपूर्ण सामग्री इस अंक में है। अंक में दिवंगत कवि मलखान सिंह...

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‘समावर्तन’:दिसंबर अंक प्रकाशित

कवि प्रदीप पर ‘एकाग्र’ के अंतर्गत निराला, सुमन, अभिनेता अशोक कुमार के आलेख। ‘रंगशीर्ष’ में वरिष्ठ छायाकार जगदीश कौशल पर सामग्री। ‘रेखांकित’ में इस बार युवा कवि अंचित की कविताएँ। शीला मिश्र की कहानी ‘आंदोलन’। प्रख्यात आलोचक डॉ धनंजय वर्मा से वरिष्ठ कथाकार संतोष चौबे, मुकेश वर्मा और महेंद्र गगन...

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व्यंग्य यात्रा का जुलाई-सितंबर 2019 अंक

हरिशंकर राढ़ी व्यंग्य जगत में सार्थक हस्तक्षेप रखने वाली त्रैमासिकी ‘व्यंग्य यात्रा’ का नया अंक अपने भरेपूरे आकार और चिर-परिचित कलेवर के साथ आया है। सदा की भांति इस अंक में चिंतन, त्रिकोणीय पद्य और गद्य व्यंग्य, पुस्तकों की चर्चा और समीक्षा के साथ अनेक रपटें हैं। त्रिकोणीय में इस...

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समहुत का अक्टूबर-दिसंबर अंक

हिंदी सिनेमा के विख्यात कवि, गीतकार, फिल्म निर्माता शैलेन्द्र की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते डॉ.इंद्रजीत सिंह-जनकवि शैलेन्द्र। शैलेन्द्र:’इप्टा’ के गीतकार-शैलेन्द्र के निकट रहे रमेश चौबे के साथ विख्यात कथाकार बृजमोहन की अंतरंग बातचीत, दुर्लभ चित्रों के साथ। शैलेन्द्र पर लिखी किताब:’धरती कहे पुकार के।’ हिंदी रंगमंच की दशा और...

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साहित्य को नई आधार शक्ति देती है ‘दोआबा’

‘दोआबा’ (पत्रिका) / संपादक : जाबिर हुसेन / प्रकाशक : दोआबा प्रकाशन / 247 एम आई जी, लोहियानगर, पटना-800020 / मूल्य : 75 रुपए / संपादकीय संपर्क : doabapatna@gmail.com, 09431602575 शहंशाह  आलम ख्यात साहित्यकार जाबिर हुसेन के संपादन में निकल रही पत्रिका ‘दोआबा’ का इकतीसवाँ अंक साहित्य के समकालीन प्रसंग...

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अंधेरे से लड़ने की ताक़त देने वाली कविताएं

समीक्षित पुस्तक – तनी हुई मुट्ठियाँ (कविता संग्रह)  कवि – रमेश यादव प्रकाशक –कनक प्रकाशन प्रकाशन वर्ष – 2019, मूल्य – 400 रुपये      आनन्द गुप्ता रमेश यादव युवा कविता में नया नाम हैं। ‘तनी हुई मुट्ठियाँ’ उनका दूसरा काव्य संग्रह है।  सबसे पहले इस संग्रह का शीर्षक हमारा ध्यान खींचता...

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स्त्री कथाकारों का ईमानदार मूल्यांकन

पत्रिका: लमही हमारा कथा समय विशेषांक, खंड एक प्रधान: संपादक विजय राय मूल्य: 50 रुपए पता: 3/343, विवेक खंड, गोमतीनगर, लखनऊ-226010 मोबाइल: 9454501011 सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका लमही का नया अंक (अप्रैल-सितम्बर संयुक्तांक) हर उस पाठक के लिए एक दुर्लभ उपहार की तरह है, जिसकी दिलचस्पी कहानियों में...

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सामाजिक विषमताओं पर प्रहार करती कविताएं

डॉ कृष्णकान्त द्विवेदी देश व प्रदेश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में  आलेख,कविताएँ व साक्षात्कार निरन्तर  प्रकाशित होते रहते हैं। आजकल, उत्तर प्रदेश, साहित्य अमृत जैसी प्रमुख पत्रिकाओं में   प्रकाशन।    सम्प्रति-:             सहायक प्रोफेसर    ( हिंदी) पं.सुंदरलाल मेमोरियल परास्नातक महाविद्यालय,कन्नौज   (उ प्र)     ई  मेल –  : krishnakantdubey394@ gmail. com...

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शिक्षा की दशा और दिशा पर केंद्रित जरूरी अंक

चर्चित पत्रिका कथन संपादक संज्ञा उपाध्याय सहयोग राशि 100 रुपए पता 107, साक्षरा अपार्टमेंट, ए-3, पश्चिम विहार, नई दिल्ली 110063 फोन –011 25268341 सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव अच्छी शिक्षा और बेहतर इलाज—ये 2 ऐसी चीजें हैं, जो इस देश के गरीब और निम्नमध्य वर्ग की पहुंच से बाहर निकल चुकी हैं।...

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ग़ज़ल का क़द मनुष्यता से तो ऊँचा नहीं

ओम निश्चल हिंदी के सुपरिचित कवि, गीतकार एवं आलोचक। ‘शब्‍द सक्रिय हैं'(कविता संग्रह) एवं ‘शब्‍दों से गपशप'(आलोचना),  ‘भाषा की खादी'(निबंध) सहित भाषा व आलोचना-समीक्षा की अनेक कृतियां प्रकाशित। अज्ञेय सहित कई कवियों के कविता-चयन, अधुनांतिक बांग्ला कविता एवं कुंवर नारायण पर केंद्रित आलोचनात्‍मक पुस्‍तक ‘अन्‍वय’ एवं ‘अन्‍विति’ का संपादन। उत्तर...

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जिंदगी से अथक जंग की कहानियाँ

शैलेंद्र शांत   पुस्तक समीक्षा यह कोलकाता के कथाकार उदयराज जी की किताब के बाबत चंद बातें हैं। कहानियों की किताब, जिसमें छोटी-बड़ी कुल 17 कहानियां दर्ज हैं। लेखक की किताब का नाम “आरंभ” है, जो किताब के मामले में आरंभ ही है, यानी पहली किताब। उम्मीद की जाए कि...

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मुसाफिर बैठा के कविता संग्रह ‘विभीषण का दु:ख’ से 5 कविताएं

मुसाफिर बैठा तीन स्थितियां आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता स्वाभाविक स्थिति! दलित मरने के पहले  कुछ नहीं बोलता अस्वाभाविक स्थिति ! ! दलित को आदमी नहीं भी कहा जा सकता स्वाभाविक  स्थिति ! ! ! (उदयप्रकाश की एक कविता से प्रेरित)   डर में घर जिसे तुम कहते...

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शिवदयाल के उपन्यास ‘एक और दुनिया होती’ का एक अंश

                       रात को ओढ़ने के लिए मेरे पास तो कुछ था नहीं। रात एक झोपड़ी के ओसारे में गुजारनी थी। पुआल का बिस्तर लगा और मुझे सहारा मिला बम्बइया से। उनके पास कंबल था। बीड़ी सुलगाने के पहले उन्होंने कंबल खोला और मुझ पर डाल दिया। कुछ इधर-उधर की बात...

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विमलेश त्रिपाठी की 5 प्रेम कविताएं

विमलेश त्रिपाठी विमलेश त्रिपाठी के कविता संग्रह ‘उजली मुस्कुराहटों के बीच’ को अभी किंडल से डाउनलोड करें और अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवगत कराएं। डाउनलोड करने के लिए नीचे की तस्वीर पर क्लिक करें। एक भाषा हैं हम शब्दों के महीन धागे हैं हमारे संबंध कई-कई शब्दों के रेशे-से गुंथेसाबुत खड़े...

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आशीष कुमार त्रिवेदी के उपन्यास ‘तुम्हारे लिए’ का एक अंश

नीचे की पुस्तकों को पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें उपन्यास अंश आशीष कुमार त्रिवेदी के उपन्यास ‘तुम्हारे लिए’ का एक अंश मदन से मिलने के बाद से जय और भी बेचैन हो गया था। मन में उथल पुथल मची थी। इतना सब कुछ होने के बाद भी क्या...

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हम सब जिसे शबाना के नाम से जानते हैं

पुस्तक समीक्षा मैं शबाना ( उपन्यास ) लेखक : यूसुफ़ रईस  प्रकाशक : नोशन प्रेस ( इंडिया, सिंगापुर, मलेशिया ), ओल्ड नं. 38, न्यू नं. 6, मैक निकोल्स रोड, चैटपट, चेन्नई – 600 013 मूल्य : ₹ 199 मोबाइल संपर्क : 09829595160 शहंशाह आलम शहंशाह आलम हम सब जिसे शबाना...

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अख़बारी नरक की आधी हक़ीक़त

लघु उपन्यास : आधी हक़ीक़त लेखक : शैलेंद्र शान्त प्रकाशक : बोधि प्रकाशन मूल्य : 80 रुपए सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव दूर से जो चीज़ बहुत खूबसूरत और आकर्षक लगती है, जरूरी नहीं कि नजदीक जाने पर भी वो वैसा ही लगे। पत्रकारिता के साथ भी कुछ-कुछ ऐसा ही है। वरिष्ठ...