राकेश कायस्थ का व्यंग्य ‘मत रोइए मी लॉर्ड…’

राकेश कायस्थ मी लार्ड का सादर अभिवादन। आप इस देश के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश हैं और मैं इस देश का एक अदना सा नागरिक। मेरे बाप-दादा कहा करते थे—- समझदार वही है जो कोर्ट-कचहरी के चक्कर से दूर रहे। कानून के रखवाले बहुत रूलाते हैं। बचपन में जो...