चांदनी सेठी कोचर की लघुकथा ‘कामवाली’

चादनी सेठी कोचर

रेणु की काम वाली सुनीता उसके घर में पिछले 4 साल से काम कर रही थी। दोनों एक दूसरे को बखूबी समझते थे लेकिन आज सुनीता को काम पर आने में थोड़ी देर क्या हुई, रेणु उस पर चिल्लाने लगी।

“क्या बाता है सुनीता, आज तुमने आने में इतनी देर क्यों लगा दी? तुम्हें पता भी है कितना काम बाकी है?”

सुनीता झट काम में लग गई। उसने रेणु से देर से आने के लिए माफी भी मांग ली।

 

“दीदी, कल से ऐसा नहीं होगा।”

 

सुनीता समझ नहीं पाई कि आज दीदी को इतना गुस्सा क्यों आ गया। इससे पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था। तभी रेणु का पति आकर चिल्लाने लगा

“तुम घर पर दिन भर करती क्या रहती हो? मेरे कपड़े और जूते वैसे के वैसे ही गन्दे पड़े हैं। मैंने तुम्हें कल ही समझाया था कि मेरा काम समय पर हो जाना चाहिए लेकिन तुम मेरी बात सुनती कब हो?”

 

सुनीता समझ गई कि आज दीदी को उस पर इतना गुस्सा क्यों आ रहा है

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1 Response

  1. It’s going to be end of mine day, but before finish I am reading this impressive
    article to improve my experience.

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