दीपक अरोड़ा स्‍मृति पांडुलिपि प्रकाशन योजना-2017 हेतु पांडुलिपियां आमंत्रित

कवि दीपक अरोड़ा की स्‍मृति में शुरु की गई पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना के दूसरे वर्ष के लिए बोधि प्रकाशन की ओर से हिन्‍दी कविता पुस्‍तकों की पांडुलिपियां सादर आमंत्रित हैं। पहले वर्ष में पांच पुस्‍तकों का चयन किया गया था- जिनका प्रकाशन हो चुका है। इस वर्ष तथा आने वाले वर्षों में प्रतिवर्ष दो पांडुलिपियां चयनित किए जाने का प्रस्‍ताव है। वर्ष 2017 के लिए इस योजना के निमित्‍त पांडुलिपियां सादर आमंत्रित हैं।
अंतिम तिथि 30 अप्रेल, 2017 है। पांडुलिपि भेजने से पूर्व इस पोस्‍ट को सावधानी से पूरा पढ़ने का अनुरोध है, ताकि आवश्‍यक जानकारी मिल जाए।
* इस योजना में वे रचनाकार अपनी कविता पुस्‍तक की पांडुलिपि भेज सकते हैं जिनकी अब तक कोई स्‍वतंत्र पुस्‍तक ना छपी हो। संयुक्‍त या साझा संकलनों अथवा पत्र-पत्रिकाओं में भले ही शामिल हुए हों।
* रचनाकार की आयु का कोई बंधन नहीं है, रचनाकार की किसी भी विधा की यह पहली पुस्‍तक हो, यह जरुरी है।
* निर्णायक मंडल द्वारा चुनी गई दो पांडुलिपियां हिन्‍दी दिवस 2017 तक प्रकाशित की जाएंगी तथा रचनाकारों को पांच-पांच हजार रुपये सममूल्‍य की प्रतियां सम्‍मानस्‍वरुप भेजी जाएंगीं। चयन में कम से कम एक पांडुलिपि अनिवार्य रुप से महिला कवि (कवयित्री) की होगी।
* करीब एक सौ पृष्‍ठ की पुस्‍तक बन सके, इतनी कविताओं की पांडुलिपि इस ईमेल आईडी पर भिजवा दें। कुछ कम ज्‍यादा होने पर बाद में भी चर्चा संभव है, आप अनुमान से भेज सकते हैं।
ईमेल आईडी है : deepakarorayojna@gmail.com
* पांडुलिपि के साथ कविताओं के मौलिक/स्‍वरचित होने एवं रचनाकार की स्‍वतंत्र पुस्‍तक अब तक प्रकाशित न होने संबंधी घोषणा तथा अपना संक्षिप्‍त परिचय और प्रकाशन योग्‍य फोटो जरुर भेजें।
* नियत तिथि यानी 30 अप्रेल 2017 के बाद प्राप्‍त होने वाली अथवा उपर्युक्‍त के अलावा अन्‍य ईमेल आईडी पर या अन्‍य माध्‍यमों से आने वाली पांडुलिपियां अथवा अन्‍य किसी विधा की पांडुलिपि भेजे जाने पर योजना में सम्मिलित कर पाना संभव नहीं हो सकेगा।
(किसी भी जिज्ञासा का सम्‍मान है, आप 0141-4041794 पर कार्यालय समय में संपर्क कर जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। निर्णय में यथासंभव तटस्‍थता बरती जाएगी तथापि किसी प्रकार के विवाद अथवा भ्रम होने पर इस संबंध में बोधि प्रकाशन के निर्णय अंतिम रुप से मान्‍य होंगे। )

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1 Response

  1. Dr. Rashmi Srivastava says:

    बढ़िया प्रयास

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