‘कविता लिखना आसान काम नहीं’

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1 Response

  1. शायान कुरैशी says:

    शहंशाह आलम का साक्षात्कार पढ़ कर सुखद अनुभव हुआ। एक ऐसे सच्चे कवि, जिसका मन दर्पण की तरह स्पष्ट, आकाश की मानिंद विस्तृत, धरती जैसा उपजाऊ और पर्वतों की विशालता से परिपूर्ण होते हुए भी एक विरहा के कोमल ह्रदय की संवेदनाओं से पोषित है, के अन्तर्मन् में झांकना कितना बहुमूल्य क्षण होता है यह इस साक्षात्कार को पढ़ कर महसूस होता है।

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