हमारे समय की पटकथा

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6 Responses

  1. Dr Zeaur rahman jafri says:

    शहंशाह आलम पर मैने पहले भी लिखा है.मैंने जब जब उनकी कविता पढ़ी है, मुझे महसूस हुआ है ये कविता इससे और बेहतर ढंग से नहीं लिखाी जा सकती थी वह शब्द, कथ्य और शिल्प तीनों के मजे हुए युवा कवि हैं
    _डॉ जियाउर रहमान जाफरी

  2. कुमार विजय गुप्त , munger says:

    एक निष्पक्ष समीक्षा के लिए भाई राजकिशोर राजन जी को बधाई !
    कवि मित्र शहंशाह आलम को बहुत बहुत बधाई !!
    उनकी लेखनी अनवरत चलती रहे धरती को खुशनुमा बनाने के लिए !!!

  3. डॉ पुष्पलता अधिवक्ता says:

    शानदार समीक्षा हार्दिक बधाई कृतियाँ भेजिएगा जी

  4. Kamleshsharma says:

    शा न दार

  5. Bhaskar Choudhury says:

    This has been a wonderful review… Hearty congratulations to both the Poet and the Reviewer …

  6. ‘इस समय की पटकथा’ पुस्तक में संकलित सभी कवितायेँ एक से बढ़कर एक हैं, कवि शहंशाह आलम को बहुत बहुत बधाई तथा इस खूबसूरत समीक्षा हेतु समीक्षक श्री राजकिशोर राजन जी का हार्दिक आभार.

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