ललित शर्मा की दो कविताएं

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1 Response

  1. deepesh sharma says:

    ललित शर्मा की अद्भुत कविताएँ”बिजूका” एवं”झूठ” मन को छू गईं।मैं फेस बुक पर पढ़ता रहता हूं।———दीपेश

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