मुकुल आनन्द की कविता ‘तुम्हारी याद’

मुकुल आनन्द
ग्राम+पो- पटसा
जिला-     समस्तीपुर
 राज्य-     बिहार
पिन-     848206
“बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में अध्ययनरत”
 वर्तमान निवास स्थान-  दुर्गाकुंड, वाराणसी
 

तुम्हारी याद 

 

तुम याद आती हो

जैसे आती है रात

आता है दिन

लगती है भूख

लगती है प्यास..

 

जैसे बच्चों के चोटिल होने पर 

माँ को आता है गुस्सा

आता है प्यार

जैसे बहुत थकने के बाद 

आती है गहरी नींद

ऐसे ही तुम याद आती हो।।

 

तुम याद आती हो 

जैसे बसंत के बाद 

आते हैं आमों में बौर

पेड़ों पर आते हैं फूल और फल

चहचहाते हैं पक्षी

 

जैसे मानसून के बाद 

वनों में आती है हरियाली

फिर कायम हो उठती है

पारिस्थितिकी संतुलन

ऐसे ही तुम याद आती हो।।

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