नूर मुहम्मद ‘नूर’ की पांच कविताएं

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2 Responses

  1. Neena Sahar says:

    कविता ने मुझे
    कवी होने सर बचाया
    कविता ने मुझे बेशऊर
    मग़रूर होने से बचाया

    बहुत बहुत बधाई नूर मुहम्मद नूर जी… इस बहुत खूबसूरत रचना के लिए ।
    अनेक शुभकामनायें

    सादर
    नीना सहर

  2. राजकिशोर राजन says:

    कविता ने मुझे
    मैंने कविता को बड़ा किया
    मैंने कविता को
    कविता ने मुझे खड़ा किया
    जिंदगी और कविता से अजहद प्यार करने वाले
    कवि मे ही इतना आत्मविश्वास हो सकता है। इस कविता के लिए बहुत बहुत बधाई।ऐसी कविता ही कविता की दुनिया को हमेशा जिन्दा रखेगी।दिल्ली दरबार वाले पतझर मे वसंत की कमेंट्री करते रहें।

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