डॉ नितेश व्यास की कविताएं

कविता पर कुछ कविताएं

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वह नहीं होती कोई इश्तिहार

जिसे फाड़ सके

उड़ा ले जा सके

मौसमी हवाएं

वह तो है

काल के भाल पर 

उत्कीर्ण दस्तावेज़

सांस लेते हुए।

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काल-अकाल घिरने वाली

बूंदा-बांदी नहीं है वह,

है

गर्जना युक्त मूसलाधार

जो रखती है

युगों को धो देने का सामर्थ्य।

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मैं और तुम को

हम से नकारती

अदृष्ट को सकारती

कटाक्षपात से मर्म को बेधती

नहीं है मात्र अलंकरण,

वह तो चीर-फाड़ देती है वस्त्र और खड़ा कर देती है तुम्हें

तुम्हारी सम्पूर्ण नग्नताओं के साथ।

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नहीं है वह

मूर्धाभिषिक्त भूपालों के दरबारों में गूंजती चाटूक्तियां मात्र

अब वह खड़ी बीच चौराहे

मिला रही आंख से आंख

कुछ खो देने का डर तो शायद

पहले भी नहीं था उसे 

लेकिन अब उसकी करुणा

हुई है और भी मुखर

फूट पड़ी है ज्वालामुखी सी।

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उपरिचर हलायुध द्वारा

विश्वक्षेत्र में,

अपनी मौज में

यत्र-तत्र बिखेरे गये

बीजों की संततियां है

जो उग आयी है चाहे-अनचाहे

कहीं घास कहीं खरपतवार

कहीं फलित वृक्ष

तो कहीं सुकुमार कुसुम-सम्पदा के रूप में

वो बन गयी है कहीं

कंटीली झाड़ियां भी

चुभती हैं जो

चुभन ही

वाहक है

इसके संक्रमण की।

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डॉ नितेश व्यास

संस्कृत और हिन्दी दोनों भाषाओं में लेखन।

मधुमती, किस्सा कोताह ,हस्ताक्षर,रचनावली आदि पत्रिकाओं एवं पोषम पा,अथाई,संवाद सरोकर,काव्यमंच,रचणिता the creater, the purvai blog आदि ब्लाग्स् पर,दैनिक नवज्योति,दैनिक युगपक्ष आदि समाचार पत्रों में कविताएं प्रकाशित

संप्रति : जोधपुर में संस्कृत विषय के सहायक आचार्य पद पर कार्यरत हैं ।

पता- गज्जों की गली,पूरा मोहल्ला,कबूतरों का चौका,जोधपुर (342001)राजस्थान

मो-9829831299

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