सुशील कुमार की 10 कविताएं

एक

एक बूँद से जन्मा हूँ

बूँद है जल में थल में तल में अतल में
नदी में समुद्र में आकाश में मेघ में
जंगल में जंगम में

पर्वत को रेत
घाटी को पर्वत
बनाती है एक बूँद

एक बूँद में बसा है समूचा ब्रह्मांड !

दो

कैसे देखूं –
दृश्य तो है
आँख भी है
दृष्टि कहाँ से लाऊँ

कैसे उडूँ –
आकाश तो है
पंख भी है
इच्छा कहाँ से लाऊँ

कैसे गाऊँ –
गीत तो हैं
स्वर भी है
राग कहाँ से लाऊँ ?

तीन

न आँख दिखाकर चल
न आँख झुकाकर,
चलना हो तो बन्दे
आँख से आँख मिलाकर चल।

चार

आओ एक चिराग जलाएँ
बहुत अँधेरा है
चलो वह गीत गाएँ

जो पहले कभी गाया न है
सदियों का सन्नाटा मिटाएँ
सुस्ताएँ कुछ देर यहाँ
पहले कभी जहाँ ठहरा न है l

पांच

आग मेरे अंदर है
तुम्हारे अंदर भी है
फर्क बस इतना है कि
मुझमें अभी लगी-लगी है
और तुम में बुझी-बुझी।

छह

जीवन – एक नदी
प्रेम – उस नदी की अंतर्धारा
वासना उसमें एक ज्वार
जलता जिसमें सब संसार l

सात

दुनिया तो बनती रहेगी
बिगड़ती रहेगी, घड़ी की सुइयाँ भी
यूँ ही रोज़ चलती रहेंगी
और हर दिन मैं बिलाता रहूँगा
अमावस के चाँद की तरह
पर एक छोटा-सा यह पंख हृदय का –
एक चीज़ कर सकता है,
यह उड़ सकता है

आठ

एक कमल खिलता है आशा का तो
कोई हाथ जोड़ भरोसा देता है
कहीं लालटेन जलता है
कोई टोपी पहनकर गरजता है
और न जाने कितने – कितने प्रतीक-चिन्ह हैं
जनता के दु:ख – दर्द निवारण के
जनता सब देखती है
सुनती है
गुनती है
उम्मीद की एक किरण कौंधती है
फिर भक से बुझती है
इतना शोर है सब ओर कि
हाहाकार आकार नहीं ले पाती |

नौ

नदी को देखो
इसकी धार को देखो
इसके वक्ष पर रेत के ढूहों में देखो –
उमस में बालू ढोती पहाड़न का
स्वेदलिप्त चेहरा,
किनारे जल बिन हांफ़ते पंछियों की
चीख भी सुनो

क्यों इतनी उदास है नदी
क्यों मंद हो रही उसकी धार

रेत भरी नदी की कहानी में
दुःख की तेज धार है

दस

वे सहमत नहीं हैं
कि हथियार कायरों की भाषा है
जो विचार की जगह
लोगों में डर उपजाते हैं

इस पर धार
उन बहुभाषियों के शब्दों की धार है
जिनके हौसले पर
खौफ़नाक इरादों का पानी चढ़ा है
सत्ता का सुख
जिनके सपनों से हमेशा बंधा है
जो हत्यारों के पेट में घुसकर
उसकी बुद्धि और भाषा खाते हैं
और अपने नापाक़ मंसूबों की
अधूरी जबान से बोलते हैं ।

You may also like...

1 Response

  1. Sushma sinha says:

    बढ़िया कविताएँ !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *