Tagged: कविता

0

अनुपम निशान्त की चार कविताएं

  अनुपम निशान्त चुनार (मिर्जापुर) में जन्म। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम। संप्रति अमर उजाला, वाराणसी में वरिष्ठ उप संपादक। 1- अपना शून्य गढ़ो कभी-कभी जिंदगी के लिए जरूरी खुशी करीब होकर भी गुम जाती है तलाशने लगो तो मिलती...

0

भावना सिन्हा की तीन कविताएं

  डॉ भावना सिन्हा जन्म तिथि -19 जुलाई शिक्षा – पीएचडी (अर्थशास्त्र ) निवास – गया ,बिहार ईमेल — sbhawana190@ gmail.com प्रकाशित कृतियां– यथावत, अंतिम जन, पुस्तक संस्कृति आदि कुछ पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित । 1. पांच बज गए पांच बज गएअभी तक नहीं आए पापा पापा  अब तक क्यों नहीं आएकहीं...

0

पल्लवी मिश्रा की दो कविताएं

  पल्लवी मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून एक पन्नों पर कलम दर्ज़ करती है, दिनों की बर्खास्तगी रातों के बदलते मायने, पन्नों की तारीखें बयाँ करती हैं – दिनों के दस्तावेज़ो में कमतर होती रोशनी और महसूस होती है कलम की मायूसी l पन्नों पर बने फूल,चिड़ियाँ,तारे...

0

शहर काइयांपन सिखाता है

जयप्रकाश मानस www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी किस्त : 5 28 नवंबर, 2011 तदर्थ उपाय मलेशिया ने टैक्सी चालकों द्वारा महिलों के साथ बलात्कार और डकैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं के लिए महिला चालकों द्वारा...

0

दीप्ति शर्मा की पांच कविताएं

दीप्ति शर्मा दिल्ली काले तिल वाली लड़की कल तुम जिससे मिलीं फोन आया था वहाँ से तुम तिल भूल आयी हो सुनो लडकियो! ये तिल बहुत आवारा होते हैं चन्द्र ग्रहण की तरह काला तिल आनाज नहीं होता ये पूरी दुनिया होता है जिससे मिलो सँभल कर मिलो ये मिलना...

0

डॉ निधि अग्रवाल की तीन कविताएं

डॉ निधि  अग्रवाल मूल निवासी    गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश डॉक्टर (पैथोलोजिस्ट) झाँसी उत्तर प्रदेश तीन तलाक केवल तुम्हें ही नहीं है.. तलाक का हक, मैंने भी दिया है तलाक… उन अवांछित-सी कामनाओं को, जो मुझे मेरे अस्तित्व का हर पल अहसास कराती हैं, जब मैं झुक जाती हूँ तुम्हारे निर्णयों...

0

परिवर्तन ईमानदार समाज ही कर सकता है

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी : किस्त 4 10 नवंबर, 2011 जानना है बहुत कुछ आ.रंजना अरगड़े (गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद) ने बड़ी आत्मीयता के साथ 23-24 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय संगोष्ठी में ‘साहित्य तथा प्रौद्योगिकी...

1

जया यशदीप घिल्डियाल की तीन कविताएं

जया यशदीप घिल्डियाल मूल निवासी – पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान अध्यापिका पुणे ,महाराष्ट्र कातिलों के बच्चे कातिलों  के बच्चे  उम्र  भर कत्ल  होते हैं सहम जाते लोकल अखबारों  से , खाकी वर्दी से दरवाज़े पर इक हल्की सी भी आहट दहला देती उन्हें घर में आँखों...

0

शहंशाह आलम की पांच कविताएं

शहंशाह आलम जन्म : 15 जुलाई, 1966, मुंगेर, बिहार शिक्षा : एम. ए. (हिन्दी) प्रकाशन : ‘गर दादी की कोई ख़बर आए’, ‘अभी शेष है पृथ्वी-राग’, ‘अच्छे दिनों में ऊंटनियों का कोरस’, ‘वितान’, ‘इस समय की पटकथा’ पांच कविता-संग्रह प्रकाशित। सभी संग्रह चर्चित। आलोचना की पहली किताब ‘कवि का आलोचक’...

3

डॉ डी एम मिश्र की पांच ग़ज़लें

डॉ डी एम मिश्र उ0प्र0 के सुलतानपुर जनपद के एक छोटे से गाँव मरखापुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में जन्म । शिक्षा -पीएच डी ,ज्‍योतिषरत्‍न। गाजियाबाद के एक पोस्ट ग्रेजुएट कालेज में कुछ समय तक अघ्यापन । पुनश्च बैंक में सेवा और वरिष्ठ -प्रबंधक के पद से कार्यमुक्त...

0

एक कवि की डायरी : भाग 3

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha.com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, 18 अक्टूबर, 2011 माँ और घर माँ आज शाम की ट्रेन से गाँव लौट गयी । घर ख़ाली-ख़ाली नज़र आता है । माँ का रहना घर का भरा-पूरा होना होता है । माँ का रहना घर...

2

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” की तीन कविताएं

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” शिक्षा- एम ए (हिंदी, भाषाविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता), एम फिल, पीएच डी,। विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं व वेब मीडिया तथा ई-पत्रिकाओं में अनेक लेख, कविताएँ प्रकाशित। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता। अनेक संस्थाओं से सम्मानित। सम्प्रति- अध्यापन, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा (भारत) में सेवारत। मोबाइल — 8909274612...

1

राजेश”ललित”शर्मा की दो रचनाएं

इंतज़ार मत करना इंतज़ार मत करना अब मेरा थक गये हैं पाँव मुश्किल है चलना मोड़ अभी भी बहुत हैं ज़िंदगी के याद कर लेना कभी हो सके मेरे अक्स को। क्षणिका बहुत दूर निकल आये ए ज़िंदगी तुमसे मंज़िल आ भी गई तो मिल न पायेंगे अब ———————- अनुपम...

0

परितोष कुमार ‘पीयूष’ की कविता ‘मुद्दे की बात’

परितोष कुमार ‘पीयूष’ मोहल्ला- मुंगरौड़ा पोस्ट- जमालपुरपिन- 811214, जिला मुंगेर(बिहार)】 मुद्दे की बात! मुद्दा यह नहीं कि किसने है कितना लूटामुद्दा यह है कि हमने उन्हें लूटने क्यों दिया० मुद्दा यह नहीं कि उसने रिश्वत लीमुद्दा यह है कि हमने प्रतिवाद क्यों नहीं किया० मुद्दा यह नहीं कि उसने जाल बिछायामुद्दा यह है कि हम फँसते क्यों चले गये० मुद्दा...

0

राजेश”ललित”शर्मा की कविता ‘मन खट्टा हो गया’

“मन खट्टा” —————– मन खट्टा हो गया चल यार कैसी बात करता है मन कभी मीठा हुआ कभी सुना क्या? नहीं न यूँ ही जमी रहेगी दही रिश्तों की खटास रहेगी ही चाहे जितना डालो चीनी फिर मन खट्टा हुआ तो हुआ क्या करें????? ————————   अनुपम निशान्त की चार...

2

पंकज कुमार शर्मा की तीन कविताएं

पंकज कुमार शर्मा निवासी:  पिड़ावा जिला झालावाड़ राजस्थान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1. आईने.. बरसो से जड़े हैं..तेरे घर में जो आईनेउनका खयाल करनाउनमें तेरे हर दौर की शक्ल है.उन्होंने तेरी शक्ल कोसंवारा है..हर दाग को मिटाया है. 2. आकार लेती तस्वीरे अभी तो सवेरा हुआ है…सूरज ने दस्तक दी हैअभी...

0

तरसेम कौर की कविता ‘भावनाओं का अपलोड..!!’

  डिलीट होती जा रही भावनाएं और संवेदनाएं बैकअप शायद किसी ने भी नहीं रखा है.. जीवन के स्क्रीन से धीरे धीरे इरेज होती जा रही संवेदनाओं को रिस्टोर करना शायद अब नामुमकिन सा ही लगता है… रूप बदलता जा रहा है और बिखरी पड़ी मिलती हैं जीवन के स्क्रीन...

0

भास्कर चौधुरी की दस कविताएं

भास्कर चौधुरी पता : 1 / बी / 83,        बालको        जिला : कोरबा (छ.ग.)        495684        मोबाइल न. : 9098400682 Bhaskar.pakhi009 @gmail.com परिचय जन्म: 27 अगस्त 1969 रमानुजगंज, सरगुजा (छ.ग.) शिक्षा: एम. ए. (हिंदी एवं अंग्रेजी) बी एड प्रकाशन: एक काव्य संकलन ‘कुछ हिस्सा तो उनका भी...

0

प्रेम नन्दन की पांच कविताएं

 प्रेम नंदन जन्म – 25 दिसम्बर 1980,को फतेहपुर (उ0प्र0) के फरीदपुर गांव में| शिक्षा – एम.ए.(हिन्दी), बी.एड.। पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा। लेखन – कविता, लघुकथा, कहानी, आलोचना । परिचय – लेखन और आजीविका की शुरुआत पत्रकारिता से। दो-तीन वर्षों तक पत्रकारिता करने तथा तीन-चार वर्षों तक भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टरी  के पश्चात...

1

प्रेरणा शर्मा ‘प्रेेरणा’ की सात प्रेम कविताएं

प्रेरणा शर्मा ‘प्रेरणा’ पेशे से अध्यापिका विभिन्न पत्र – पत्रिकाओं , समाचार पत्रों  में लेख, कविताएं प्रकाशित बोधि प्रकाशन द्वारा  प्रकाशित पुस्तक ‘ स्त्री होकर सवाल करती है ‘  में कविताएं प्रकाशित  हो चुकी हैं । एक प्रभात  के आगमन  से .. निशा  के अवसान  तक .. घूमती  रहती  हूँ...