अनुपम निशान्त की चार कविताएं

  अनुपम निशान्त चुनार (मिर्जापुर) में जन्म। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों

पल्लवी मिश्रा की दो कविताएं

  पल्लवी मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून एक पन्नों पर कलम दर्ज़ करती है, दिनों की बर्खास्तगी

शहर काइयांपन सिखाता है

जयप्रकाश मानस www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी किस्त :

परिवर्तन ईमानदार समाज ही कर सकता है

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी :

जया यशदीप घिल्डियाल की तीन कविताएं

जया यशदीप घिल्डियाल मूल निवासी – पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान अध्यापिका पुणे ,महाराष्ट्र कातिलों के बच्चे

एक कवि की डायरी : भाग 3

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha.com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, 18 अक्टूबर, 2011 माँ और घर

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” की तीन कविताएं

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” शिक्षा- एम ए (हिंदी, भाषाविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता), एम फिल, पीएच डी,। विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं व वेब

परितोष कुमार ‘पीयूष’ की कविता ‘मुद्दे की बात’

परितोष कुमार ‘पीयूष’ मोहल्ला- मुंगरौड़ा पोस्ट- जमालपुरपिन- 811214, जिला मुंगेर(बिहार)】 मुद्दे की बात! मुद्दा यह नहीं कि किसने है कितना लूटामुद्दा यह

पंकज कुमार शर्मा की तीन कविताएं

पंकज कुमार शर्मा निवासी:  पिड़ावा जिला झालावाड़ राजस्थान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1. आईने.. बरसो से जड़े हैं..तेरे घर

प्रेम नन्दन की पांच कविताएं

 प्रेम नंदन जन्म – 25 दिसम्बर 1980,को फतेहपुर (उ0प्र0) के फरीदपुर गांव में| शिक्षा – एम.ए.(हिन्दी), बी.एड.। पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा।