Tagged: कविता

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धर्मपाल महेेंद्र जैन की 4 कविताएं

धर्मपाल महेंद्र जैन ईमेल : dharmtoronto@gmail.com      फ़ोन : + 416 225 2415 सम्पर्क : 1512-17 Anndale Drive, Toronto M2N2W7, Canada संविधान ना बाँचा, ना देखा, सिर्फ सुना है संविधान के बारे में पटवारी साब जानते हैं खसरा-खतौनी दरोगा साब जानते हैं गाली-गलौच कंपाउंडर साब जानते हैं दस रुपये वाली दवा मास्साब को मालूम है...

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संजय शांडिल्य की प्रेम कविताएँ

संजय शांडिल्य जन्म : 15 अगस्त, 1970 |स्थान : जढ़ुआ बाजार, हाजीपुर |                     शिक्षा : स्नातकोत्तर (प्राणीशास्त्र) | वृत्ति : अध्यापन | रंगकर्म से गहरा जुड़ाव | बचपन और किशोरावस्था में कई नाटकों में अभिनय | प्रकाशन : कविताएँ हिंदी की...

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राहुल कुमार बोयाल की 3 कविताएं

राहुल कुमार बोयाल जन्म दिनांक- 23.06.1985जन्म स्थान- जयपहाड़ी, जिला-झुन्झुनूं( राजस्थान)सम्प्रति- राजस्व विभाग में कार्मिकपुस्तक- समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता संग्रह)            नष्ट नहीं होगा प्रेम ( कविता संग्रह)  विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं यथा वागर्थ, सृजन सरोकार, किस्सा कोताह, कथा, दोआबा, हिन्दी जनचेतना, हस्ताक्षर वेब पत्रिका...

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पवन कुमार मौर्य की 3 कविताएं

पवन कुमार मौर्य जन्मतिथि- 01 जून, 1993 शिक्षा– स्नातक- भूगोल (ऑनर्स) (बीएचयू, बनारस) एमए जनसंचार-एमसीयू, भोपाल. पेशा- दिल्ली में पत्रकारिता पता – वर्तमान – नोएडा स्थाई पता- जन्म- बनारस, अब जिला- चन्दौली गांव- मानिकपुर, पोस्ट- नौबतपुर, थाना-सैयदराजा पिन- 232110 सम्पर्क सूत्र- 9667927643 जंगली संगीत का एक टुकड़ाजब मैं स्वयं, दिमाग...

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पूनम शुक्ल की 6 कविताएं

पूनम शुक्ल जन्म 26 जून 1972  जन्म स्थान – बलिया , उत्तर प्रदेश  शिक्षा – बी ० एस ० सी० आनर्स ( जीव विज्ञान ), एम ० एस ० सी ० – कम्प्यूटर साइन्स ,एम० सी ० ए ० । कुछ वर्षों तक विभिन्न विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान की...

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संजय शांडिल्य की 5 कविताएं

पिता की तस्वीर आज झाड़ते हुए आलमारी अखबार के नीचे मिल गई पिता की वही तस्वीर कई साल पहले ढूधवाले के हिसाब के वक्त भी यह इसी तरह पाई गई थी माँ की डायरी में फूल की पँखुरी-सी सुरक्षित फिर एक रात जब दादी के दाँतों में हुआ था भीषण...

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अनुपम निशान्त की चार कविताएं

  अनुपम निशान्त चुनार (मिर्जापुर) में जन्म। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम। संप्रति अमर उजाला, वाराणसी में वरिष्ठ उप संपादक। 1- अपना शून्य गढ़ो कभी-कभी जिंदगी के लिए जरूरी खुशी करीब होकर भी गुम जाती है तलाशने लगो तो मिलती...

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भावना सिन्हा की तीन कविताएं

  डॉ भावना सिन्हा जन्म तिथि -19 जुलाई शिक्षा – पीएचडी (अर्थशास्त्र ) निवास – गया ,बिहार ईमेल — sbhawana190@ gmail.com प्रकाशित कृतियां– यथावत, अंतिम जन, पुस्तक संस्कृति आदि कुछ पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित । 1. पांच बज गए पांच बज गएअभी तक नहीं आए पापा पापा  अब तक क्यों नहीं आएकहीं...

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पल्लवी मिश्रा की दो कविताएं

  पल्लवी मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून एक पन्नों पर कलम दर्ज़ करती है, दिनों की बर्खास्तगी रातों के बदलते मायने, पन्नों की तारीखें बयाँ करती हैं – दिनों के दस्तावेज़ो में कमतर होती रोशनी और महसूस होती है कलम की मायूसी l पन्नों पर बने फूल,चिड़ियाँ,तारे...

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शहर काइयांपन सिखाता है

जयप्रकाश मानस www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी किस्त : 5 28 नवंबर, 2011 तदर्थ उपाय मलेशिया ने टैक्सी चालकों द्वारा महिलों के साथ बलात्कार और डकैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं के लिए महिला चालकों द्वारा...

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दीप्ति शर्मा की पांच कविताएं

दीप्ति शर्मा दिल्ली काले तिल वाली लड़की कल तुम जिससे मिलीं फोन आया था वहाँ से तुम तिल भूल आयी हो सुनो लडकियो! ये तिल बहुत आवारा होते हैं चन्द्र ग्रहण की तरह काला तिल आनाज नहीं होता ये पूरी दुनिया होता है जिससे मिलो सँभल कर मिलो ये मिलना...

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डॉ निधि अग्रवाल की तीन कविताएं

डॉ निधि  अग्रवाल मूल निवासी    गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश डॉक्टर (पैथोलोजिस्ट) झाँसी उत्तर प्रदेश तीन तलाक केवल तुम्हें ही नहीं है.. तलाक का हक, मैंने भी दिया है तलाक… उन अवांछित-सी कामनाओं को, जो मुझे मेरे अस्तित्व का हर पल अहसास कराती हैं, जब मैं झुक जाती हूँ तुम्हारे निर्णयों...

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परिवर्तन ईमानदार समाज ही कर सकता है

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha. com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, एक कवि की डायरी : किस्त 4 10 नवंबर, 2011 जानना है बहुत कुछ आ.रंजना अरगड़े (गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद) ने बड़ी आत्मीयता के साथ 23-24 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय संगोष्ठी में ‘साहित्य तथा प्रौद्योगिकी...

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जया यशदीप घिल्डियाल की तीन कविताएं

जया यशदीप घिल्डियाल मूल निवासी – पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान अध्यापिका पुणे ,महाराष्ट्र कातिलों के बच्चे कातिलों  के बच्चे  उम्र  भर कत्ल  होते हैं सहम जाते लोकल अखबारों  से , खाकी वर्दी से दरवाज़े पर इक हल्की सी भी आहट दहला देती उन्हें घर में आँखों...

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शहंशाह आलम की पांच कविताएं

शहंशाह आलम जन्म : 15 जुलाई, 1966, मुंगेर, बिहार शिक्षा : एम. ए. (हिन्दी) प्रकाशन : ‘गर दादी की कोई ख़बर आए’, ‘अभी शेष है पृथ्वी-राग’, ‘अच्छे दिनों में ऊंटनियों का कोरस’, ‘वितान’, ‘इस समय की पटकथा’ पांच कविता-संग्रह प्रकाशित। सभी संग्रह चर्चित। आलोचना की पहली किताब ‘कवि का आलोचक’...

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डॉ डी एम मिश्र की पांच ग़ज़लें

डॉ डी एम मिश्र उ0प्र0 के सुलतानपुर जनपद के एक छोटे से गाँव मरखापुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में जन्म । शिक्षा -पीएच डी ,ज्‍योतिषरत्‍न। गाजियाबाद के एक पोस्ट ग्रेजुएट कालेज में कुछ समय तक अघ्यापन । पुनश्च बैंक में सेवा और वरिष्ठ -प्रबंधक के पद से कार्यमुक्त...

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एक कवि की डायरी : भाग 3

जयप्रकाश मानस संपादक, www.srijangatha.com कार्यकारी संपादक, पांडुलिपि (त्रैमासिक) एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा रायपुर, 18 अक्टूबर, 2011 माँ और घर माँ आज शाम की ट्रेन से गाँव लौट गयी । घर ख़ाली-ख़ाली नज़र आता है । माँ का रहना घर का भरा-पूरा होना होता है । माँ का रहना घर...

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डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” की तीन कविताएं

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” शिक्षा- एम ए (हिंदी, भाषाविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता), एम फिल, पीएच डी,। विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं व वेब मीडिया तथा ई-पत्रिकाओं में अनेक लेख, कविताएँ प्रकाशित। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता। अनेक संस्थाओं से सम्मानित। सम्प्रति- अध्यापन, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा (भारत) में सेवारत। मोबाइल — 8909274612...

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राजेश”ललित”शर्मा की दो रचनाएं

इंतज़ार मत करना इंतज़ार मत करना अब मेरा थक गये हैं पाँव मुश्किल है चलना मोड़ अभी भी बहुत हैं ज़िंदगी के याद कर लेना कभी हो सके मेरे अक्स को। क्षणिका बहुत दूर निकल आये ए ज़िंदगी तुमसे मंज़िल आ भी गई तो मिल न पायेंगे अब ———————-

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परितोष कुमार ‘पीयूष’ की कविता ‘मुद्दे की बात’

परितोष कुमार ‘पीयूष’ मोहल्ला- मुंगरौड़ा पोस्ट- जमालपुरपिन- 811214, जिला मुंगेर(बिहार)】 मुद्दे की बात! मुद्दा यह नहीं कि किसने है कितना लूटामुद्दा यह है कि हमने उन्हें लूटने क्यों दिया० मुद्दा यह नहीं कि उसने रिश्वत लीमुद्दा यह है कि हमने प्रतिवाद क्यों नहीं किया० मुद्दा यह नहीं कि उसने जाल बिछायामुद्दा यह है कि हम फँसते क्यों चले गये० मुद्दा...