Tagged: ग़ज़ल

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केशव शरण की 4 ग़ज़लें

केशव शरण जन्म–23-08-1960 प्रकाशित कृतियां-तालाब के पानी में लड़की  (कविता संग्रह)जिधर खुला व्योम होता है  (कविता संग्रह)दर्द के खेत में  (ग़ज़ल संग्रह)कड़ी धूप में (हाइकु संग्रह)एक उत्तर-आधुनिक ऋचा (कवितासंग्रह)दूरी मिट गयी  (कविता संग्रह)क़दम-क़दम ( चुनी हुई कविताएं ) न संगीत न फूल ( कविता संग्रह)गगन नीला धरा धानी नहीं है ( ग़ज़ल...

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नकुल गौतम की ग़ज़ल

ग़ज़ल झड़ी जब लग रही हो आँसुओं की कमी महसूस क्या हो बदलियों की हवेली थी यहीं कुछ साल पहले जुड़ी छत कह रही है इन घरों की वो मुझ पर मेहरबां है आज क्यों महक-सी आ रही है साज़िशों की मुझे पहले मुहब्बत हो चुकी है मुझे आदत है...

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गर्म राख में सुबकती ग़ज़लों में आक्रोश का तेवर

अदम गोंडवी की ग़ज़ल- पुस्तक “समय से मुठभेड़” की समीक्षा दीप नारायण ठाकुर जब कोई पाठक किसी रचना को पढ़ता है और यह महसूस करता है कि यह तो उसके आसपास की है , उसकी ज़िंदगी से , लोगों की ज़िंदगियों से जुड़ी हुई है तो समझना चाहिए कि रचनाकार...

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अबयज़ ख़ान की ग़ज़ल

बेवजह नहीं दीवार पे इल्ज़ाम लिखे हैं हमने तो बस मंज़र ए आम लिखे हैं तुमने पैदा की है हिन्दू मुसलमा की खाई शहर शहर नफ़रतों के इश्तेहार लिखे हैं तुम्हारी शफकतों के तलबगार नहीं हम ख़ुदा ने किस्मत में बहुत इनाम लिखे हैं हमारी वफ़ादारियों पर शक ना करो...

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आदमी की दुनिया को विस्तार देतीं अनिरुद्ध सिन्हा की ग़ज़लें

पुस्तक-समीक्षा शहंशाह आलम समकालीन हिंदी साहित्य में ग़ज़ल का प्रभाव बढ़ा है, क़द बढ़ा है, स्वीकृति का दायरा बढ़ा है। ग़ज़ल के लिए इस सर्वव्यापकता के पीछे जिन महत्वपूर्ण ग़ज़लकारों का सद्प्रयास रहा है, उनमें समकालीन ग़ज़ल के चर्चित शायर अनिरुद्ध सिन्हा की भूमिका जानी बूझी हुई है। इसलिए कि...