Tagged: महिला दिवस

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महिला दिवस पर डॉ सुलक्षणा अहलावत की कविता

सीता के रूप में मेरी अग्नि परीक्षा लेते हो, द्रौपदी रूप में जुए के दांव पर लगा देते हो, फिर भी तुम महिला दिवस मनाते हो। कभी सती के नाम पर चिता में जला देते हो, कभी जौहर के नाम पर अग्नि में कूदा देते हो, फिर भी तुम महिला...

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हाशिेए पर अब और नहीं

महिला दिवस पर विशेष डाॅ. मृणालिका ओझा अगस्त सन् 1910 में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना तय हो चुका था। महिलाओं को समानता, अधिकार व सम्मान प्राप्त हो सके इसके लिए कोपेन हेगेन में कुछ समाजवादी राष्ट्रों के सम्मेलन में इसे तय किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूप से...