संगीता गांधी की लघुकथा ‘अज्ञात अंधेरे’

सरकारी हस्पताल के एक कोने में आमिर  बुत बना बैठा था ।अनजाना अँधेरा उसके चारों ओर छाया था । ये क्या हो गया ?उसने अपने ही हाथों से अपने दिल के टुकड़े को कैसे मार दिया ! अंदर डॉ उसके 12 साल के बेटे का इलाज कर रहे थे ।सर...