अर्कित पांडेय की कविता ‘उपहार’

अर्कित पाण्डेयछात्रपता- इकौना बाईपास,जिला- श्रावस्ती मैं रहा रात भर सोचता बस प्रिये,दूँ क्या उपहार में जन्मदिन पर तुम्हें। प्रातः आकाश की लालिमा