सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की पांच कविताएं

सिस्टम रास्ता रोका है मज़दूरों ने क्योंकि उन्हें रोटी की जरूरत है पुलिस ने बरसाए हैं डंडे क्योंकि भूख उन्हें