अरविंद श्रीवास्तव की पांच कविताएं

लाल मिर्च और हमारा प्रेम और इस संताप को भी आत्मा ने आत्मसात कर लिया था अंततः परिणाम सुखद और आनंदमयी सन्निकट थे एक सुन्दर समय उत्सव के ढेर सारे अवसर साथ लाता है लाख मनाही के बावजूद प्रेम और घातक विचारों से सराबोर होता है मिर्च-से सुर्ख रंगों में...