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नींद क्यों रात भर नहीं आती

संजय स्वतंत्र बिहार की उस मिट्टी से जन्म का नाता है, जो अभावों और सपनों के संघर्ष के साथ एक इंसान बनने की तमीज पैदा करती है। जब हिंदी पट्टी विचार और बाजार से जूझ रहा था, तब पिता की सरकारी नौकरी के कारण देश की राजधानी दिल्ली में सत्ता...

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हमारी भी छापो! हम भी लेखक-वेखक हैं!

व्यंग्य आलोक प्रकाश एक बहुत ही गुणी साहित्यकार हैं. मुझ से उम्र में बड़े हैं. उनका लिहाज करता हूँ मैं. सर कहकर संबोधित करता हूँ उनको. फ़ेसबुक पर उन्होंने एक ग्रुप बनाया हुआ है. इसमें हम साहित्यकारों की कृतियाँ प्रकाशित होती हैं. ग्रुप तो दूसरे भी हैं लेकिन उनका  स्टैंडर्ड मेरे स्टैंडर्ड...

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देवेंद्र कुमार की पांच कविताएं

आंखों में पानी  डॉक्टर ने कहा आंखों में ड्रायनेस है आंसू नहीं बनते अब कुछ दिनों में दिखना भी बंद हो जाएगा दिखना बंद होने से पहले ही बंद हो गए आंसू देखकर भी नहीं बहता आंखों से आंसू चाहे कुछ भी देख लो डॉक्टर ने कहा प्रदूषण बढ़ गया...

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मार्टिन जॉन की तीन लघुकथाएं

लाइक “अरे बेटा , तैयार हो जा | कॉलेज जाने का समय हो गया है |…..कितनी देर से लैपटॉप में घुसे हो !” दादाजी अपने पोते से मुख़ातिब थे | “वेट ए लिटिल दादाजी !……..लाइक्स गिन रहा हूँ |” “काहे का लाइक्स भई ?” “कल हमने मम्मी की डेथ वाली...