सुषमा सिन्हा की तीन कविताएं

सुषमा सिन्हा एहसास किसी के होने का एहसास बचा रहता है वर्षों तक जबकि गुजरे उसके बीत चुका होता है बहुत सारा समय किसी का वजूद खड़ा रहता है दीवारों-सा जबकि उसका अस्तित्व ही नहीं होता है इस दुनिया में कोई आवाज करती है पीछा ताउम्र जबकि उस आवाज की...