उदयराज की कहानी ‘विश्वास-यात्रा’

उदयराज रितेश और मोहिनी बड़ी सतर्कता से प्लेटफॉर्म पर पहुंच एक कोने में दुबकने के अंदाज़ में बैठ गए। दिल्ली के लिए टिकट आते ही ले लिया था। उनकी नज़रें निरंतर प्लेटफॉर्म पर आने के सभी प्रवेश द्वारों पर घूम रही थीं और कान अनाउंसमेंट पर लगा हुआ था। यूं...