सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की कहानी ‘अपना कन्धा, अपनी लाश’

सत्येंद्र प्रसाद  श्रीवास्तव विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां-कविताएं प्रकाशित। एक कविता संग्रह ‘रोटियों के हादसे’ प्रकाशित पेशे से पत्रकार। फिलहाल टीवी

प्रेम नन्दन की पांच कविताएं

 प्रेम नंदन जन्म – 25 दिसम्बर 1980,को फतेहपुर (उ0प्र0) के फरीदपुर गांव में| शिक्षा – एम.ए.(हिन्दी), बी.एड.। पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा।

समकालीन कविता का महत्वपूर्ण दस्तावेज : दिल्ली की सेल्फी कविता विशेषांक

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव लड़ना था हमें भय, भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम हो रहे थे एकजुट आम आदमी के