डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” की तीन कविताएं

डॉ दिग्विजय शर्मा “द्रोण” शिक्षा- एम ए (हिंदी, भाषाविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता), एम फिल, पीएच डी,। विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं व वेब

दरकते सामाजिक तानेबाने की कहानी है ‘विघटन’

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव इस ‘विघटन’ से बचना मुश्किल है हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं, जिसमें स्वार्थपरता हावी

समकालीन कविता का महत्वपूर्ण दस्तावेज : दिल्ली की सेल्फी कविता विशेषांक

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव लड़ना था हमें भय, भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम हो रहे थे एकजुट आम आदमी के

वहाँ पानी नहीं है : दर्द को जुबान देती कविताएँ

पुस्तक समीक्षा वीणा भाटिया ‘वहाँ पानी नहीं है’ दिविक रमेश का नवीनतम कविता-संग्रह है। इसके पूर्व इनके नौ कविता-संग्रह आ