Tagged: Love

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डा.अमरजीत कौंके की 12 क्षणिकाएं

अमरजीत कौंके  1सुरमई संध्या कोहरी घास पर उस की आँखों में देखते  सोचा मैंने- अगर सारी जिंदगी यूँ ही गुज़रती तो बस क्षण भर की होती…. 2सुरमई संध्या को हरी घास पर उसके पास बैठे मैंने कहा उस से – कोई बात करो वह बोली -जब ख़ामोशी ख़ामोशी से संवाद कर रही होतो शब्दों को निरर्थक गँवाने का क्या...

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पल्लवी मुखर्जी की 5 कविताएं

पल्लवी मुखर्जी एक आओ सुनते है एक दूसरे की धड़कनों को धड़कनेंधड़कती हैं जैसेघड़ी की सुईटिक-टिक करती और ले जाती हैं हमेंं उम्र के उस दौर मेंजहाँ न मैं….मैं रहती हूँन तुम….तुम रहते हो हम एक हो जाते हैंउम्मीदों का हरापन लेकर  दो तुम एक पुल होजिस पर सेतमाम रिश्ते गुज़र रहे हैंधड़ाधड़ जैसे गुज़रती...

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उदयराज की कहानी ‘विश्वास-यात्रा’

उदयराज रितेश और मोहिनी बड़ी सतर्कता से प्लेटफॉर्म पर पहुंच एक कोने में दुबकने के अंदाज़ में बैठ गए। दिल्ली के लिए टिकट आते ही ले लिया था। उनकी नज़रें निरंतर प्लेटफॉर्म पर आने के सभी प्रवेश द्वारों पर घूम रही थीं और कान अनाउंसमेंट पर लगा हुआ था। यूं...

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पुष्कर बन्धु की 5 कविताएं

पुष्कर बन्धु काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक व परास्नातक ( हिन्दी साहित्य ) 2017 । सोशल मीडिया पर कविताओं का प्रकाशन । साहित्य , समाज और राजनीति में  गहरी रुचि । पता – हौसला सिंह लॉज, नसीरपुर, सुसुवाहि , हैदराबाद गेट , BHU चयन और प्रस्तुति : विहाग वैभव  ...

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নিবেদিতা হালদার গাঙ্গুলি র “মেঘাচ্ছন্ন আকাশ”

(৩) এর মধ্যে কফি আর মাফিন চলে এল। আমি ওর দিকে তাকানো বন্ধ করে কফিতে মন দিলাম। চিনি ঢাললাম, চামচ দিয়ে গুলতে থাকলাম। তারপর মাফিনের প্লেটটা সামনে টেনে নিলাম। চামচ দিয়ে এক টুকরো কেটে মুখে দিয়ে ওর দিকে না তাকিয়েই বললাম “thanks”! আমার ষষ্ঠ ইন্দ্রিয় জানান দিচ্ছিল এই পুরো সময়টা ও...

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জয়াবতী ভট্টাচার্যর কবিতা ”স্বপ্ন পরশ”

সবে তো পান পাত্র হয়েছে নিঃশেষ, সবে তো ছোঁয়া ঘন আবেশে রঙিন স্বপ্ন….রঙিন পরশ, মোহমুগ্ধ,  তন্দ্রালু চাহনি, শরীর অবশ । রজনী এখনো বাকি…. তোর মত্ততার নেশায়।। নিবেদিতা হালদার গাঙ্গুলি র “মেঘাচ্ছন্ন আকাশ” रिजवान अली की कहानी ‘वो ठंडी रात’ हेमन्त वशिष्ठ की कविता ‘आधी बची है रात ‘ দেবায়ন কোলের...

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দেবায়ন কোলের অনুগল্প ‘ভালোবাসার রঙ’

বিয়ের পরে একবারই মাত্র দোল খেলার সুযোগ হয়েছিল সুতপার। অর্ণব পেছন থেকে সেদিন হঠাৎ করে তার শ্যামলা রঙের মুখটাতে আবীর মাখিয়ে বলেছিল, “শুভ দোলযাত্রা,তপা। এরকমই সুন্দর থেকো সবসময়।” লজ্জায় আবীরের থেকেও লাল হয়ে উঠেছিল সেদিন সুতপা। মুখে বলেছিল, “আমার রঙ মাখতে ভালো লাগে না, জানো না?” অর্ণব তাকে আলিঙ্গনাবদ্ধ করে...

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দোলা সেনের গল্প ‘বসন্ত –রাগ’

শনির রাতে দমকা ঝড় উঠল। হালকা, খুব হালকা ধারাপাত। তাতেই রবিবারের সকালটায় বেশ শিরশিরে আমেজ। ছটার সময় নিত্যকার প্রাতঃভ্রমণে যাই যাই করছি, সৌরভের আধ-ঘুমন্ত গলা কানে এল, – “ঘণ্টাখানেকের মধ্যে বেরোতে পারবে ?” তা, ‘পাগলা খাবি ? না, আঁচাবো কোথায় !’ ঝড়ের বেগে স্নান, টোস্ট সহযোগে চা, তারপরেই গাড়ী —-...

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পিউ দাশের গল্প ‘প্রেম’

“হোলি হ্যায়!” দূর থেকে ভেসে আসে কাদের যেন চিৎকার। সেই শব্দকে ছাপিয়ে ওঠে ধ্রুবর গলা। “অসম্ভব!” চেঁচিয়ে ওঠে ধ্রুব। “অসম্ভব!” ওর কপালের উপরের শিরা ফুলে ওঠে। নাকের পাটা ফুলে ওঠে। লাল হয়ে ওঠে ওর মুখ। “কি মনে করিস তুই আমাকে? কি ভাবিস?” প্রবল তিক্ততায় চাপা গলায় ওর জিজ্ঞাসা কঠোর হয়ে...

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रमेश शर्मा की पांच कविताएं

  रमेश शर्मा जन्म: 06.6.1966, रायगढ़ छत्तीसगढ़ में . शिक्षा: एम.एस.सी. (गणित) , बी.एड. सम्प्रति: व्याख्याता सृजन: एक कहानी संग्रह मुक्ति 2013 में बोधि प्रकाशन जयपुर से प्रकाशित . छह खंड में प्रकाशित कथा मध्यप्रदेश के छठवें खंड में कहानी सम्मिलित . *कहानियां: समकालीन भारतीय साहित्य , परिकथा, हंस ,पाठ...

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भास्कर चौधुरी की पांच कविताएं

  भास्कर चौधुरी परिचय जन्म: 27 अगस्त 1969 रमानुजगंज, सरगुजा (छ.ग.) शिक्षा: एम. ए. (हिंदी एवं अंग्रेजी) बी एड प्रकाशन: एक काव्य संकलन ‘कुछ हिस्सा तो उनका भी है’ एवं गद्य संकलन (यात्रा वृतांत) ‘बस्तर में तीन दिन’ प्रकाशित। लघु पत्रिका ‘संकेत’ का छ्ठा अंक कविताओं पर केंद्रित. कविता, संस्मरण,...

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हाफ गर्लफ्रेंड

  संजय स्वतंत्र द लास्ट कोच : किस्त 9 राजीव चौक से वह मेरे साथ ही आखिरी डिब्बे में सवार हुई है। वह जिस तरह बार-बार अपने चेहरे को पोंछ रही है, उससे लगता है कि वह काफी दूर से और कई काम निपटा कर आई है। रूमाल से वह...

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अनुपम निशान्त की चार कविताएं

  अनुपम निशान्त चुनार (मिर्जापुर) में जन्म। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम। संप्रति अमर उजाला, वाराणसी में वरिष्ठ उप संपादक। 1- अपना शून्य गढ़ो कभी-कभी जिंदगी के लिए जरूरी खुशी करीब होकर भी गुम जाती है तलाशने लगो तो मिलती...

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सुषमा सिन्हा की कहानी ‘रिश्ता’

सुषमा सिन्हा शिक्षा : बीए ऑनर्स (अर्थशास्त्र), फाइल आर्ट में डिप्लोमा छात्र जीवन से ही चित्रकला और लेखन में रुचि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर कई बार रचनाओं का पाठ। चित्रकला के लिए कई बार पुरस्कृत। कृतियां :  मिट्टी का घर (कविता संग्रह), बहुत दिनों के...

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डॉ निधि अग्रवाल की तीन कविताएं

डॉ निधि  अग्रवाल मूल निवासी    गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश डॉक्टर (पैथोलोजिस्ट) झाँसी उत्तर प्रदेश तीन तलाक केवल तुम्हें ही नहीं है.. तलाक का हक, मैंने भी दिया है तलाक… उन अवांछित-सी कामनाओं को, जो मुझे मेरे अस्तित्व का हर पल अहसास कराती हैं, जब मैं झुक जाती हूँ तुम्हारे निर्णयों...

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अर्जित पांडेय की लघुकथा ‘लाल लिपस्टिक’

अर्जित पांडेयछात्र, एम टेकआईआईटी, दिल्लीमोबाइल–7408918861 मैंने देखा उसे ,वो शीशे में खुद को निहार रहा था ,होठों पर लिपस्टिक धीरे धीरे लगाकर काफी खुश दिख रहा था मानो उसे कोई खजाना मिल गया हो । बेहया एक लड़का होकर लडकियों जैसी हरकतें! हां,  इसके आलावा मैं और क्या सोच सकता...

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जया यशदीप घिल्डियाल की तीन कविताएं

जया यशदीप घिल्डियाल मूल निवासी – पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान अध्यापिका पुणे ,महाराष्ट्र कातिलों के बच्चे कातिलों  के बच्चे  उम्र  भर कत्ल  होते हैं सहम जाते लोकल अखबारों  से , खाकी वर्दी से दरवाज़े पर इक हल्की सी भी आहट दहला देती उन्हें घर में आँखों...

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रिजवान अली की कहानी ‘वो ठंडी रात’

अली रिज़वान शिक्षा- जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता। लेखन- तहलका हिंदी में आपबीती कलम के लिए लिख चुके हैं। इंडिया न्यूज़ में काम कर चुके हैं। आजकल यूट्यूब चैनल कहानी डिपो में कार्य कर रहे हैं। मोबाइल- 9717583570 केशव को दिल्ली आये अभी 6 महीने ही हुए थे और इसी...

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पंकज कुमार शर्मा की तीन कविताएं

पंकज कुमार शर्मा निवासी:  पिड़ावा जिला झालावाड़ राजस्थान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1. आईने.. बरसो से जड़े हैं..तेरे घर में जो आईनेउनका खयाल करनाउनमें तेरे हर दौर की शक्ल है.उन्होंने तेरी शक्ल कोसंवारा है..हर दाग को मिटाया है. 2. आकार लेती तस्वीरे अभी तो सवेरा हुआ है…सूरज ने दस्तक दी हैअभी...

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शहादत ख़ान की कहानी वेलेंटाइन डे

शहादत शिक्षा-           दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडर कॉलेज से बी.ए. (विशेष) हिंदी पत्रकारिता। संप्रीति-         रेख़्ता (ए उर्दू पोएट्री साइट) में कार्यरत। मोबाईल-        7065710789 दिल्ली में निवास। कथादेश, नया ज्ञानोदय, समालोचना, कथाक्रम, स्वर्ग विभा, परिवर्तन, ई-माटी और जनकृति सहित आदि पत्रिकाओं में कहानियां प्रकाशित। वेलेंटाइन-डे...