विमलेश त्रिपाठी की 5 प्रेम कविताएं

विमलेश त्रिपाठी विमलेश त्रिपाठी के कविता संग्रह ‘उजली मुस्कुराहटों के बीच’ को अभी किंडल से डाउनलोड करें और अपनी प्रतिक्रिया

দেবায়ন কোলের অনুগল্প ‘ভালোবাসার রঙ’

বিয়ের পরে একবারই মাত্র দোল খেলার সুযোগ হয়েছিল সুতপার। অর্ণব পেছন থেকে সেদিন হঠাৎ করে তার শ্যামলা রঙের মুখটাতে আবীর

দোলা সেনের গল্প ‘বসন্ত –রাগ’

শনির রাতে দমকা ঝড় উঠল। হালকা, খুব হালকা ধারাপাত। তাতেই রবিবারের সকালটায় বেশ শিরশিরে আমেজ। ছটার সময় নিত্যকার প্রাতঃভ্রমণে যাই

পিউ দাশের গল্প ‘প্রেম’

“হোলি হ্যায়!” দূর থেকে ভেসে আসে কাদের যেন চিৎকার। সেই শব্দকে ছাপিয়ে ওঠে ধ্রুবর গলা। “অসম্ভব!” চেঁচিয়ে ওঠে ধ্রুব। “অসম্ভব!”

अनुपम निशान्त की चार कविताएं

  अनुपम निशान्त चुनार (मिर्जापुर) में जन्म। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों

अर्जित पांडेय की लघुकथा ‘लाल लिपस्टिक’

अर्जित पांडेयछात्र, एम टेकआईआईटी, दिल्लीमोबाइल–7408918861 मैंने देखा उसे ,वो शीशे में खुद को निहार रहा था ,होठों पर लिपस्टिक धीरे

जया यशदीप घिल्डियाल की तीन कविताएं

जया यशदीप घिल्डियाल मूल निवासी – पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान अध्यापिका पुणे ,महाराष्ट्र कातिलों के बच्चे

रिजवान अली की कहानी ‘वो ठंडी रात’

अली रिज़वान शिक्षा- जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता। लेखन- तहलका हिंदी में आपबीती कलम के लिए लिख चुके हैं।