हाशिये पर

उदयराज   ”हैलो, कौन?” ”हैलो, मैं श्यामल बोलता। तुम्हारे पीछे से।” ”अरे, श्यामल दा। तुमने इस नाशुक्रे को कैसे याद किया?” ”नहीं दीपक, तुम ऐसा मत बोलो। वो हमारा मिस्टेक था।” ”नहीं, श्यामल दा, कुछ तो सच, अ बिट ट्रूथ तो रहा ही होगा न।” ”हम तुम्हारा बात आज भी...