बुढ़ापे में पत्नी और पैसा ही काम आते हैं

  जयप्रकाश मानस किस्त : 11 8 सितम्बर, 2015 कौन हिंदुस्तानी, कौन पाकिस्तानी 1965 के युद्ध के बाद रेडियो पाकिस्तान से फ़िराक़ गोरखपुरी की ग़ज़लें बजनी बंद हो गईं थीं, पता चला कि अब किसी भी हिंदुस्तानी शायर का कलाम नहीं बजेगा। किसी ने रेडियो पाकिस्तान, कराची की दीवार पर...