संजीव ठाकुर की बाल कथा ‘जालिम सिंह’

स्कूल का चपरासी बच्चों को बहुत बदमाश लगता था। बच्चे उसे जालिम सिंह नाम से पुकारते थे। जालिम सिंह स्कूल के बच्चों पर हमेशा लगा ही रहता था। किसी को मैदान में दौड़ते देखता तो गुस्साता, झूले पर अधिक देर झूलते देखता तो गुस्साता। कोई बच्चा फूल तोड़ लेता तब...