सुशांत सुप्रिय की कहानी ‘क्या नाम था उसका?’

अब पानी सिर से ऊपर गुज़र चुका था । लिहाज़ा प्रोफ़ेसर सरोज कुमार के नेतृत्व में कॉलेज के शिक्षक अनिश्चितकालीन

“नो मीन्स नो”, “नहीं मतलब नहीं”, लड़कों को ना सुनने की आदत डालनी होगी

संदीप श्याम शर्मा “नो मीन्स नो”, “नहीं मतलब नहीं”, लड़की की ना को ना ही मानना। ये बात समझना, लड़कों