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लकी निमेष की दो ग़ज़लें

एक पसीना वो बहाकर देख बच्चों को खिलाता है जला के खून सारा दूध वो उनको पिलाता है अदाकारी गरीबों में गरीबी ला ही देती है जिसे ग़म हजारो हैं वही हँसकर दिखाता है अमीरों सीख लो हुनर तुम भी गरीबों का कि आँसू आँख में होते हुए कैसे छिपाता...

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महावीर राजी की कहानी ‘पंच’

रेलवे स्टेशन के गर्भ से नाल की तरह निकल कर ऐश्वर्या राय की कमर की तरह छुई मुई सी “स्टेशन सरणी ” शहर के बीचों बीच से गुजरने वाले अजगरनुमा ‘शेर शाह सूरी मार्ग ‘ को जिस स्थान पर लम्बवत क्रॉस करती आगे बढ़ जाती है, वह जगह शहर के...