विभूति कुमार मिश्र की पांच कविताएं

You may also like...

9 Responses

  1. अनूप वर्मा says:

    फेसबुक की कृपा से यहां आ गया। पढ़ कर अच्छा लगा।
    दो और पांच विशेष रूप से अच्छा लगा।

  2. राजेश श्रीवास्तव says:

    आज अचानक निगाह पड़ गयी, बहुत सुन्दर विभूति भाई

  3. अमित says:

    बेहतरीन

  4. Alka Singh says:

    All of them are beautifully written,but the one where you have described woman is awesome .
    There is lot I can learn from you.
    A great initiative to contribute to Hindi Literature.

  5. cm says:

    बहुत अछे सर
    दिल को छूने वाली लाइनें

Leave a Reply