Category: उपन्यास

0

इश्क : छोटे कलेवर में बड़ा संदेश देता उपन्यास

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव पितृसत्तात्मक समाज की सबसे बड़ी ध्वजवाहिका स्त्री ही होती है। परंपरा, रिवाज, संस्कार के नाम पर जाने-अनजाने बेटियों से लेकर बहुओं तक पर पुरुषशासित समाज के उन नियमों को कड़ाई से पालन करने की जिम्मेदारी स्त्रियों के कंधों पर ही होती है, जो अन्तत: उन्हें बेड़ियों में...

0

मज़दूरों की पीड़ा को आवाज़ देने वाला उपन्यास ‘धर्मपुर लॉज’

चर्चित किताब उपन्यास : धर्मपुर लॉज लेखिका : प्रज्ञा प्रकाशक :  लोकभारती प्रकाशन मूल्य : 200 रुपए सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव मज़दूरों की अंधेरी गंदी बस्ती में अब कोई कुछ नहीं बोलता एक अजीब सन्नाटे ने कफन की तरह ढांप लिया है पूरी बस्ती को जहां हर चीज भयावह लगती है।...

0

शिवदयाल के उपन्यास ‘एक और दुनिया होती’ का एक अंश

                       रात को ओढ़ने के लिए मेरे पास तो कुछ था नहीं। रात एक झोपड़ी के ओसारे में गुजारनी थी। पुआल का बिस्तर लगा और मुझे सहारा मिला बम्बइया से। उनके पास कंबल था। बीड़ी सुलगाने के पहले उन्होंने कंबल खोला और मुझ पर डाल दिया। कुछ इधर-उधर की बात...

0

आशीष कुमार त्रिवेदी के उपन्यास ‘तुम्हारे लिए’ का एक अंश

नीचे की पुस्तकों को पढ़ने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें उपन्यास अंश आशीष कुमार त्रिवेदी के उपन्यास ‘तुम्हारे लिए’ का एक अंश मदन से मिलने के बाद से जय और भी बेचैन हो गया था। मन में उथल पुथल मची थी। इतना सब कुछ होने के बाद भी क्या...