Category: क से कहानी

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नए विषय, नए फलक, नई दृष्टि : कहानी की नई ज़मीन

‘उद्भावना’ के कहानी विशेषांक में स्त्री कथाकारों की प्रभावशाली मौजूदगी है। इस अंक में प्रकाशित स्त्री कथाकारों की कहानियों में नए विषय हैं, नई  दृष्टि है और नए फलक हैं। इन कहानियों  पर सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की टिप्पणी साहित्यिक पत्रिका ‘उद्भावना’ के हाल ही में प्रकाशित कहानी विशेषांक में आठ...

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सवाल बनकर पीछा करने वाली कहानी

क से कहानी में आज सुधा अरोड़ा की कहानी ‘एक मां का हलफनामा’ पर चर्चा सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव बहुत कम कहानियां ऐसी होती हैं, जो बेचैन करती हैं, पीछा करती हैं। ‘एक मां का हलफनामा’ ऐसी ही एक कहानी है। छोटे कलेवर की बड़ी कहानी।  बेटी को गंवा चुकी एक...

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क से कहानी : हाल फिलहाल की अच्छी कहानियां

क से कहानीसत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव 2021 में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपने वाली कहानियों में जो कहानियां अच्छी लगेंगी, उन पर संक्षिप्त टिप्पणी ‘क से कहानी ‘स्तम्भ के अंतर्गत प्रकाशित की जाएंगी। इस अंक में सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव लिख रहे हैं लेकिन अगर आपको भी कोई कहानी पसंद आती है तो...