पवन कुमार मौर्य की 3 कविताएं

पवन कुमार मौर्य

जन्मतिथि- 01 जून, 1993
शिक्षा–
स्नातक-भूगोल (ऑनर्स) (बीएचयू, बनारस) 
एमए जनसंचार-एमसीयू, भोपाल.

पेशा- दिल्ली में पत्रकारिता

पता – 
वर्तमान – नोएडा
स्थाई पता-
जन्म- बनारस, अब जिला- चन्दौली
गांव- मानिकपुर, पोस्ट- नौबतपुर, थाना-सैयदराजा
पिन- 232110
सम्पर्क सूत्र- 9667927643
Email- mauryapavan563 @gmail.com
1-  तुम्हारे साथ हूं तुम्हारी अधूरी ख्वाहिशों के पूरा होने तक मैं तुम्हारे साथ हूं 
उन्हें सच करने तक 
तुम्हारे साथ हूं 
और हर बार की तरह
ख्वाहिशें टूट जाती हैं
हम लोग एक-दूसरे का चेहरा देखते हुए 
मुस्कुरा देते हैं…. कि 
हम साथ हैं हर बार की तरह 

2- हिसाब उंगलियों पर

याद इतनी सस्ती होती है
पानी में बुलबुले की तरह 
मन में कई किस्से उभरते हैं और जम जाते हैं
बर्फ की सिल्लियों की तरह 
किसी फंसाने-खूबसूरत बकाए को
मुकम्मल याद बनाने में
कितना वक्त और उसकी क्या कीमत होगी
हम उसका हिसाब उंगलियों पर
 तो नहीं लगा सकते 
फिर भी यादें सस्ती होती हैं

3- जीवन का ताजा रंग

माशूका की आंखें कभी नहीं सूखती हैं
प्रेम और शिकायत की बरसात से 
उनकी आंखों में जीवन को सींचने भर का 
स्नेह-सलील जमा रहता है 
प्रेमिका को डर है 
छोटे जीवन का
प्रेमी को दर्द है
लंबे संघर्ष का
फिर भी प्रेमिका की आंखें
सदैव सावन होती हैं
इनमें, 
जीवन का ताजा रंग होता है
बसती है
प्रेमी से दूर होने की शिकायत भी

उनकी आंखें कभी नहीं सूखती
जो नदी, प्रेम की बरसात में सफर करती है

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